व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा और ठप करा दी सफाई
पार्षद मालती देवी ने नगर निगम की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए बताया कि 6 अगस्त 2026 की शाम को अचानक एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डाला गया. इसके तुरंत बाद ही अगले दिन यानी 7 अगस्त की सुबह से सभी वार्डों के नियमित सफाई कर्मचारियों को विशेष अभियान में डाइवर्ट कर दिया गया. इस आनन-फानन में लिए गए फैसले का नतीजा यह हुआ कि 7 अगस्त की सुबह पूरे वार्ड में नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और एक भी मजदूर ड्यूटी पर नहीं पहुंचा.
जनहित और लोकतांत्रिक मर्यादा की अनदेखी का आरोप
स्थानीय जनप्रतिनिधि ने कहा कि इतना बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेने से पहले कम से कम दो दिन पूर्व पार्षदों को पत्रांक और क्रमांक के साथ औपचारिक लिखित नोटिस मिलना चाहिए था. पार्षदों और स्थानीय प्रतिनिधियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर अचानक लिए गए इस फैसले से नगर निगम प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पार्षद का कहना है कि यह तरीका पूरी तरह से लोकतांत्रिक मर्यादाओं और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रतिकूल है.
100 अतिरिक्त मजदूर नियुक्त फिर भी चरमराई व्यवस्था
मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए पार्षद ने कहा कि जब आदित्यपुर नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाने के लिए अलग से लगभग 100 नए सफाई मजदूरों की तैनाती की है, तो फिर अभियान का काम उन्हीं अतिरिक्त कर्मियों से क्यों नहीं कराया गया? नियमित वार्डों में लगे मजदूरों को अचानक हटा लेने से आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लोग नाली जाम, लेट्रिन-सीवर ओवरफ्लो और कचरा उठान न होने जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं.
जनता की जवाबदेही पार्षद की, प्रशासन बेपरवाह
वार्ड 32 की पार्षद ने स्पष्ट किया कि उनके क्षेत्र में सफाई कार्य एक तय रोस्टर प्रणाली के तहत होता है. ऐसे में अगर एक दिन भी सफाई रुकती है तो लोगों को कई दिनों तक भारी फजीहत झेलनी पड़ती है. नागरिक सीधे अपने स्थानीय पार्षद के पास समस्या लेकर पहुंचते हैं और जवाब मांगते हैं, जबकि नगर निगम के ऐसे अदूरदर्शी फैसलों की वजह से जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है.
निगम प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग
श्रीमती मालती देवी ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के किसी भी विशेष अभियान की योजना बनाने से पहले सभी पार्षदों को समय रहते लिखित में अवगत कराया जाए. इसके अलावा वार्डों की नियमित सफाई व्यवस्था में कोई बाधा न डाली जाए और सीवर व नाली जाम जैसी गंभीर समस्याओं को दूर करने के लिए वार्डों में तुरंत पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं, ताकि जनता को राहत मिल सके.