Tube Company Vegetable Market: जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में ट्यूब कंपनी गेट के सामने वर्षों से संचालित सब्जी मंडी को शुक्रवार को हटाए जाने के बाद दुकानदारों की चिंता बढ़ गई. इस बीच विस्थापित दुकानदारों ने कहा कि यह मंडी करीब 30-35 वर्षों से यहां लग रही थी और पहले भी इसे हटाने का प्रयास हुआ था.
लोगों ने बताया कि वर्ष 2019 से 2024 के दौरान तत्कालीन विधायक सरयू राय के कार्यकाल में भी मंडी हटाने का मुद्दा उठा था. उस समय बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया था. तब टाटा स्टील की ओर से कहा गया था कि फिलहाल जितनी जमीन की जरूरत है, उतनी ही ली जाएगी और बाकी जगह पर दुकानदार अपना रोजगार जारी रख सकते हैं.
साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि अब टाटा स्टील को पूरी जमीन की आवश्यकता है, लेकिन यदि किसी को हटाया जा रहा है तो पहले उसके पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए. उनके अनुसार, कंपनी ने मनीफीट बाईपास के पास पावर हाउस फैक्ट्री के निकट एक स्थान चिह्नित किया है और वहां वेंडिंग जोन विकसित करने की बात कही है.
हालांकि उन्होंने कहा कि जिस स्थान की पहचान की गई है, उसे लेकर दुकानदारों में कई तरह की आशंकाएं हैं. उनका कहना है कि शाम के समय वहां का माहौल पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता. मंडी में बड़ी संख्या में महिला दुकानदार भी हैं, जिन्हें अपने परिवार और बच्चों के साथ देर शाम तक काम करना पड़ता है. ऐसे में सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता स्वाभाविक है.
लोगों ने स्पष्ट किया कि दुकानदार वैकल्पिक स्थान पर जाने का विरोध नहीं कर रहे हैं. उनकी केवल यही मांग है कि पहले ऐसी जगह उपलब्ध कराई जाए, जहां वे सुरक्षित माहौल में अपना कारोबार जारी रख सकें. उनका कहना है कि आजीविका भी बनी रहे और परिवार भी सुरक्षित रहे.
उन्होंने टाटा स्टील से अपील करते हुए कहा कि जिस स्थान की पेशकश की गई है, उसका पहले पूरी तरह सत्यापन किया जाए. यदि वहां भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. इसलिए कंपनी ऐसे स्थान का चयन करे, जहां दुकानदार बिना भय के अपना व्यवसाय चला सकें.
साथ ही यह भी कहा कि जैसे ही उपयुक्त और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, सभी दुकानदार वहां जाने के लिए तैयार हैं. उनका उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि अपने रोजगार और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.