Supreme Court : दिल्ली में सीबीआई (CBI) के कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायिक अधिकारियों के तबादले को हरी झंडी मिल गई है. सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट की अर्जी को स्वीकार करते हुए विशेष न्यायाधीश सुनयना शर्मा और धीरज मोर को मौजूदा पद से हटाने की अनुमति दे दी है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों विशेष अदालतों में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने दी सहमति
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट की सिफारिश पर अपनी मुहर लगाई. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि दोनों न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता, योग्यता और प्रशासनिक क्षमता का लाभ उठाने के लिए उन्हें अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपा जाना आवश्यक हो गया था.
वीरेंद्र कुमार खर्ता और अजय गर्ग बने नए विशेष जज
तबादले के साथ ही नई नियुक्तियों का खाका भी तय कर दिया गया है. जारी आदेश के अनुसार, सुनयना शर्मा की जगह अब वीरेंद्र कुमार खर्ता कोयला घोटाले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत की कमान संभालेंगे. वहीं, धीरज मोर के स्थान पर अजय गर्ग को नया विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने इन बदलावों को लेकर औपचारिक प्रशासनिक आदेश जारी कर दिए हैं. बता दें कि सुनयना शर्मा ने जनवरी 2026 में ही इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी.
सुरक्षित फैसलों पर हाई कोर्ट के सख्त निर्देश
न्यायिक अधिकारियों के तबादले के साथ ही हाई कोर्ट ने उन मामलों के निपटारे के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनकी सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया है. निर्देश दिया गया है कि निवर्तमान जज ऐसे सभी विचाराधीन मामलों में पहले से तय तिथि पर या अधिकतम 2 से 3 सप्ताह की समय सीमा के भीतर निर्णय अनिवार्य रूप से सुनाएंगे. आंकड़ों के मुताबिक, कोयला आवंटन मामलों की दोनों विशेष अदालतों में सीबीआई भ्रष्टाचार के 29 मुकदमे पेंडिंग थे, जबकि 27 से अधिक मामलों का अंतिम फैसला आ चुका है.