तेज जलन की शिकायत के बावजूद दिए ताबड़तोड़ इंजेक्शन
परिजनों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को उत्तम कुमार सिंह की तबीयत अचानक काफी ज्यादा बिगड़ गई थी. हालत खराब होते देख परिवार वालों ने आनन-फानन में गाँव में ही प्रैक्टिस करने वाले एक स्थानीय डॉक्टर को घर पर ही इलाज के लिए बुलाया. परिजनों का कहना है कि उत्तम लगातार अपने शरीर में काफी तेज जलन होने की बात कह रहे थे, लेकिन झोलाछाप डॉक्टर ने इसे अनदेखा करते हुए उन्हें एक के बाद एक कई इंजेक्शन लगा दिए.
इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी स्थिति, बेहोश हुआ युवक
दवाइयों और इंजेक्शन का असर होते ही पीड़ित की स्थिति सुधरने की बजाय बेहद गंभीर हो गई और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े. यह देखते ही परिजनों और ग्रामीणों के होश उड़ गए. वे बिना वक्त गंवाए निजी वाहन का इंतजाम कर उत्तम को तुरंत बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए. हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर भेजा गया शव
अस्पताल में हुई मौत की खबर मिलते ही बहरागोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया. इसके बाद शनिवार को शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है.
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच जारी
बहरागोड़ा सीएचसी के प्रभारी डॉ. उत्पल मुर्मू ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मरीज को जब अस्पताल लाया गया था, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. उन्होंने कहा कि मृत्यु की असली और सटीक वजह क्या रही, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.
वहीं मृतक के परिजन रविकांत सिंह ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उत्तम अपने पीछे दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.