Seraikela News: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को सरायकेला के नगर भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. आयोजन के दौरान आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़े अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी समेत अन्य अधिकारियों ने सिदो-कान्हू पार्क, बिरसा चौक और समाहरणालय परिसर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी.
नगर भवन में दीप प्रज्वलित करने और महापुरुषों के तैलचित्रों पर पुष्प अर्पित करने के बाद मुख्य कार्यक्रम शुरू हुआ. आईटीडीए की परियोजना निदेशक उषा मुंडू ने अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत किया.
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने सरायकेला छऊ, नटुआ, मानभूम छऊ, मुंडारी और महिला पाइका नृत्य की प्रस्तुतियां दीं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली.
सांसद जोबा मांझी ने कहा कि आदिवासी समाज का जल, जंगल और जमीन से गहरा और सदियों पुराना रिश्ता रहा है. प्रकृति उनके जीवन और आस्था का अभिन्न हिस्सा है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के अवसर देने के साथ अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखना भी जरूरी है. उन्होंने जल, जंगल, जमीन, भाषा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सभी की साझा जिम्मेदारी बताया.