Jamshedpur: जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र के कुमरुम बस्ती में सोमवार को निर्माण कार्य के दौरान करंट की चपेट में आने से 33 वर्षीय मजदूर अरविंद महतो की मौत हो गई. हादसा उस समय हुआ, जब वह निर्माणाधीन मकान में सेंट्रिंग का काम कर रहा था. गंभीर रूप से झुलसे अरविंद को परिजन अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. बाद में शव को एमजीएम अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
मकान की बाउंड्री के ऊपर से गुजर रहा था हाईटेंशन तार
जानकारी के मुताबिक, अरविंद महतो सोमवार दोपहर कुमरुम बस्ती में कपाली निवासी निमाई महतो के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहा था. मकान के पिलर के गेट के लिए सेंट्रिंग लगाने का काम चल रहा था. इसी दौरान मकान की बाउंड्री के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में अरविंद आ गया. करंट लगने के साथ ही मौके पर तेज आवाज हुई. आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की जानकारी परिजनों को दी गई. उस समय अरविंद के साथ एक महिला मजदूर भी निर्माण कार्य में लगी हुई थी.
करीब एक घंटे तक अस्पताल पहुंचाने की कोशिश
मृतक के चाचा नीलकमल महतो के अनुसार, घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई. हादसे के बाद अरविंद को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई. मकान मालिक निमाई महतो ने बताया कि तेज आवाज सुनने के बाद उनके चचेरे भाई ने उन्हें घटना की जानकारी दी.
परिजन अरविंद को टीएमएच ले जा रहे थे. करीब दोपहर एक बजे रास्ते में परिजनों को उसकी सांस थमने की जानकारी हुई. इसके बाद शव को रास्ते से ही करीब डेढ़ बजे एमजीएम अस्पताल लाया गया. चिकित्सकों ने जांच के बाद अरविंद को मृत घोषित कर दिया.
करीब 10 साल से जमशेदपुर में कर रहा था मजदूरी
अरविंद महतो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के आमड़ाबेड़ा का रहने वाला था. वह लगभग 10 वर्षों से जमशेदपुर में रहकर मजदूरी करता था और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. वह फदलोगोड़ा के पास रांगाखेन्ना गांव में अपने रिश्तेदार के घर रह रहा था.
बताया गया कि कुमरुम बस्ती में जिस मकान में हादसा हुआ, वहां निर्माण कार्य रविवार से ही शुरू हुआ था. सोमवार को काम के दौरान यह हादसा हो गया.
पत्नी, बेटा और बेटी को छोड़ गया अरविंद
अरविंद महतो की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. वह अपने पीछे पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी छोड़ गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
हादसे के बाद निर्माणाधीन मकानों के आसपास से गुजरने वाले हाईटेंशन तारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. खासकर ऐसे स्थानों पर निर्माण कार्य के दौरान बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी और सुरक्षा उपायों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है.