Ranchi News: रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के संचालन और देख-रेख के लिए झारखंड हाई कोर्ट ने 11 सदस्यों की एक विशेष कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी मंदिर प्रबंधन की संशोधित योजना का गहन अध्ययन कर 3 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी. इसके बाद मामले पर अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी.
महाधिवक्ता की अध्यक्षता में बनी कमेटी
बुधवार को न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के संचालन और प्रबंधन से जुड़ी संशोधित स्कीम अदालत में पेश की गई. बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अपना पक्ष रखा. इसके बाद कोर्ट ने महाधिवक्ता रोहित राय की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश दिया.
3 सितंबर तक कोर्ट में देनी होगी रिपोर्ट
हाई कोर्ट ने गठित कमेटी को मंदिर की संशोधित प्रबंधन स्कीम का विस्तार से अध्ययन करने और अपनी रिपोर्ट 3 सितंबर तक अदालत में देने को कहा है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मंदिर के संचालन और प्रबंधन से जुड़े आगे के पहलुओं पर अदालत में विचार किया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी.
पिछली सुनवाई में बोर्ड को दिया गया था निर्देश
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड को जगन्नाथपुर मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए एक स्कीम तैयार कर पेश करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने झारखंड हिंदू धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड एक्ट की धारा 32 के तहत स्कीम तैयार करने को कहा था. इसके बाद बोर्ड ने संशोधित स्कीम अदालत में दाखिल की है.
कमेटी में ये सदस्य होंगे शामिल
11 सदस्यीय कमेटी में महाधिवक्ता रोहित राय के अलावा झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष, रांची उपायुक्त, स्वर्गीय एनीनाथ शाहदेव के तीन वंशज और चार अधिवक्ताओं सहित अन्य सदस्य शामिल रहेंगे. अब कमेटी संशोधित स्कीम का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी.