अमित शाह ने 24 घंटे चर्चा की दी चुनौती
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार विपक्ष के हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि दोपहर 2 बजे तक लोकसभा स्पीकर को लिखित पत्र दिया जाए, ताकि दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सके और अगले दिन दोपहर 3 बजे तक लगातार चर्चा के दौरान उठाए गए हर सवाल का विस्तार से जवाब दिया जा सके.
राम मंदिर चढ़ावे से लेकर रांची छात्र आंदोलन तक हंगामा
लोकसभा में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कार्यस्थगन प्रस्ताव देकर धार्मिक स्थलों में मिलने वाले चढ़ावे और दान के पारदर्शी प्रबंधन पर तत्काल चर्चा की मांग की. उन्होंने कुछ मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए अयोध्या राम मंदिर के दान रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और नियमित ऑडिट के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग की.
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने भी राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े आरोपों के साथ रांची में जेएसएससी अभ्यर्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया. रांची में अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था. इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है और राउत ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष दबाव में पीछे हटने वाला नहीं है.
सत्तापक्ष ने विपक्ष पर कार्यवाही रोकने का लगाया आरोप
विपक्ष के लगातार विरोध और स्थगन प्रस्तावों के बीच बीजेपी और एनडीए नेताओं ने भी पलटवार किया. केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने विपक्षी नेताओं और राहुल गांधी से सदन की चर्चाओं में शामिल होने की अपील की. बीजेपी सांसद संबित पात्रा और बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय संसद की कार्यवाही बाधित करने का रवैया है, जिससे सदन का बहुमूल्य समय प्रभावित हो रहा है.
इसी दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राजनीतिक दलों में बड़े पैमाने पर होने वाले दल-बदल को रोकने के लिए नए और सख्त दल-बदल विरोधी कानून की मांग उठाई. उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों और विधायकों को पार्टी के व्हिप के दबाव से अलग अपनी राय रखने और आलोचनात्मक असहमति व्यक्त करने की पर्याप्त गुंजाइश मिलनी चाहिए. फिलहाल मंदिर चढ़ावा विवाद, झारखंड छात्र आंदोलन और अन्य मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है, जबकि अमित शाह की चर्चा की चुनौती के बाद गेंद अब विपक्ष के पाले में है.