Ranchi News : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CAG रिपोर्ट को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट ने सरकार की प्रशासनिक अक्षमता और वित्तीय कुप्रबंधन की पोल खोल दी है। मरांडी ने कहा कि गरीबों के घर, ग्रामीण रोजगार और हर घर नल से जल जैसी योजनाओं में भी गंभीर खामियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन CAG के आंकड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं।
जल जीवन मिशन की टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई निविदाओं में प्रतिस्पर्धा बेहद कम रही और कुछ मामलों में अनुमानित लागत से अधिक दर पर काम दिए जाने की बात सामने आई है।
मरांडी के अनुसार, एक ऐसे संवेदक को करीब 148 करोड़ रुपये के काम दिए गए, जिसकी निविदा क्षमता नकारात्मक थी। उन्होंने रांची-पूर्वी और खूंटी प्रमंडल की निविदाओं का भी उल्लेख किया, जहां केवल दो बोलीदाता थे। उनके मुताबिक CAG जांच में दोनों बोलीदाताओं के डिमांड ड्राफ्ट एक-दूसरे द्वारा खरीदे जाने की बात सामने आई।
आवास योजना और मनरेगा में भी सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को लेकर भी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 22.34 लाख पात्र परिवारों में से 6.32 लाख परिवार योजना से बाहर रह गए। उनके अनुसार, लाभार्थियों को अंतिम रूप देने में हुई देरी का खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ा।
मनरेगा को लेकर मरांडी ने कहा कि राशि जारी करने में 40 से 55 दिनों की देरी हुई। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन राशि जारी करने में देरी हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि CAG ने कुछ ऐसे खर्च पकड़े हैं, जिन्हें योजना के तहत स्वीकार्य नहीं माना जाता।
वित्तीय प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2025 तक 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के खर्च से जुड़े उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के 1,50,938.84 करोड़ रुपये के बजट में करीब 31,110 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। वहीं, 13 केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए मिली 1,916.63 करोड़ रुपये की राशि में से 596.02 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए।
छात्रों के आंदोलन को लेकर भी सरकार पर हमला
बाबूलाल मरांडी ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि देर रात रांची के DC और SSP धरनास्थल पर क्यों पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की कमेटी बनाई है। कमेटी को छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। यदि सरकार को छात्रों से बातचीत नहीं करनी है तो ऐसी कमेटी को भंग कर देना चाहिए। मरांडी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार, मृत्युंजय शर्मा और के.के. गुप्ता मौजूद रहे।