Jamshedpur: टाटा स्टील ने जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSPL) में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब को हस्तांतरित करने पर सहमति जताई है. यह हस्तांतरण टोकन राशि के एवज में किया जाएगा. समझौते के तहत जमशेदपुर एफसी का इंडियन सुपर लीग (ISL) स्पोर्टिंग लाइसेंस भी चर्चिल ब्रदर्स को मिलेगा. टाटा स्टील और चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब के बीच इस संबंध में शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. पूरी प्रक्रिया ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के नियमों के तहत पूरी की जाएगी.
सितंबर से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंध संभालेगा चर्चिल ब्रदर्स
समझौते के मुताबिक सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स जमशेदपुर एफसी के सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा अनुबंध अपने अधीन लेगा. इसमें टीम के 12 खिलाड़ी और दो कोच भी शामिल हैं. इस बदलाव के बाद जमशेदपुर एफसी से जुड़े खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के पास आईएसएल में अपने पेशेवर फुटबॉल करियर को जारी रखने का रास्ता बना रहेगा. गोवा का चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब भारतीय फुटबॉल में करीब चार दशक से सक्रिय है. क्लब दो बार आई-लीग का खिताब अपने नाम कर चुका है और घरेलू फुटबॉल में उसका मजबूत रिकॉर्ड रहा है.
टाटा स्टील का ग्रासरूट और युवा फुटबॉल पर फोकस जारी रहेगा
टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष डी. बी. सुंदर रामम ने कहा कि चर्चिल ब्रदर्स का भारतीय फुटबॉल में लंबा इतिहास रहा है. उन्होंने कहा कि इस समझौते से जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों और कोचों को क्लब फुटबॉल में अपना सफर जारी रखने का अवसर मिलेगा. उन्होंने बदलाव की प्रक्रिया को सुचारू बनाने में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और चर्चिल ब्रदर्स के सहयोग के लिए आभार जताया. डी. बी. सुंदर रामम ने कहा कि टाटा स्टील जमीनी स्तर और युवा फुटबॉल पर अपना ध्यान जारी रखेगी. कंपनी स्थानीय और आदिवासी समुदायों से युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए काम करती रहेगी.
1987 में हुई थी टाटा फुटबॉल अकादमी की स्थापना
टाटा फुटबॉल अकादमी की स्थापना 1987 में जमशेदपुर में हुई थी. अब तक अकादमी 300 से अधिक कैडेटों को प्रशिक्षण दे चुकी है. इनमें 150 से अधिक खिलाड़ी भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. टाटा स्टील अपने मौजूदा खेल बुनियादी ढांचे को बनाए रखेगी और उसका इस्तेमाल जमीनी स्तर के फुटबॉल तथा युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए करेगी. कंपनी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के सहयोग से अपने युवा फुटबॉल सिस्टम को आधुनिक बनाने और उसकी क्षमता बढ़ाने पर भी काम करेगी.
फुटबॉल के अलावा इन खेलों में भी अकादमियां चला रही कंपनी
टाटा स्टील फुटबॉल के अलावा तीरंदाजी, हॉकी, स्पोर्ट क्लाइंबिंग और रोइंग जैसे खेलों में भी अकादमियां संचालित करती है. टाटा आर्चरी अकादमी ने 25 वर्षों में 180 से अधिक कैडेटों को प्रशिक्षण दिया है. इनमें आठ ओलंपियन शामिल हैं. वहीं, नेवल टाटा हॉकी अकादमी के तहत क्षेत्रीय विकास और जमीनी स्तर के लिए 32 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों के जरिए खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के साथ पोषण और मानसिक तैयारी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं.