Ranchi News: पाकुड़ जिले में DMFT फंड से कराए गए सड़क और गार्डवॉल निर्माण को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. मरांडी ने जांच में दोषी पाए जाने वाले संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
मरांडी के अनुसार, पाकुड़ अंचल की इलामी पंचायत में इलामी से बागानपाड़ा तक DMFT फंड से PCC सड़क और गार्डवॉल का निर्माण कराया गया है. योजना को वर्ष 2025 में तत्कालीन उपायुक्त ने मंजूरी दी थी और निर्माण कार्य इसी साल संवेदक हबीबुर रहमान ने पूरा किया.
ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
मरांडी ने बताया कि क्षेत्र के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें हस्ताक्षरित आवेदन देकर निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ी की शिकायत की. ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 95 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में खराब हो गई और कई जगह गड्ढे बन गए.
ग्रामीणों के मुताबिक, पहले से बनी PCC सड़क के ऊपर करीब 4 इंच की ढलाई कर दी गई, जिससे सड़क की मजबूती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. गार्डवॉल के निर्माण में भी लापरवाही का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि इसकी नींव में करीब 5 इंच की ढलाई की गई और घटिया बोल्डर का इस्तेमाल किया गया.

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी आरोप
ग्रामीणों ने निर्माण में सीमेंट की मात्रा कम रखने और खराब गुणवत्ता वाली बालू इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण सड़क पर कई जगह दरारें आ गई हैं और कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.

एक अन्य गार्डवॉल में भी अनियमितता का आरोप
मरांडी ने अपने पत्र में इलामी पंचायत की एक अन्य योजना का भी उल्लेख किया है. उनके अनुसार, वर्ष 2025 में सतार मौलवी के घर के पास करीब 95 लाख रुपये की लागत से 150 फीट गार्डवॉल का निर्माण होना था. आरोप है कि संवेदक और अभियंता की कथित मिलीभगत से केवल 50 फीट गार्डवॉल का निर्माण कराया गया, जबकि पूरी राशि की निकासी कर ली गई. हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से DMFT फंड से कराए गए सड़क और गार्डवॉल निर्माण की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है. उन्होंने योजना के DPR के अनुसार हुए काम, निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच कराने को कहा है.
मरांडी ने कहा कि जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो दोषी संवेदक और संबंधित अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने सरकार से मामले में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराने की मांग की है.