Ranchi News: प्रदेश राजद कार्यालय में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में महागठबंधन ने रविवार को संयुक्त प्रेस वार्ता की. नेताओं ने कहा कि यह विधेयक राज्यों के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों को कमजोर करता है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
महागठबंधन नेताओं ने कहा कि 2024 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने राज्यों को खनिज वाली जमीन पर कर और उपकर लगाने का अधिकार दिया था. उनका आरोप है कि नया संशोधन इस अधिकार को सीमित करने की कोशिश है.
झारखंड के राजस्व पर जताई चिंता
नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा से मिलने वाला पैसा विकास योजनाओं में खर्च होता है. इसी राजस्व से गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और युवाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलती हैं. अगर राजस्व घटा तो इन योजनाओं पर असर पड़ सकता है.
राष्ट्रपति को भेजा जाएगा ज्ञापन
महागठबंधन ने विधेयक को वापस लेने की मांग उठाई है. इसके लिए राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का फैसला किया गया है.
नेताओं ने बताया कि 22 अगस्त को इंडिया गठबंधन की बैठक होगी. बैठक में इस मुद्दे पर आंदोलन और आगे की राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी. महागठबंधन ने कहा कि झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा.