Palamu News: पलामू के चैनपुर प्रखंड के बंदुआ गांव में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने बड़ा फैसला लिया है. गांव को नशामुक्त बनाने के लिए राम मंदिर परिसर में बैठक हुई. इसमें अलग-अलग समुदायों के लोग एक साथ शामिल हुए. बैठक में गांजा, शराब और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों के सेवन और बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया.
पंचायत के सभी गांवों में लागू होगा नियम
बैठक की अध्यक्षता बंदुआ पंचायत के मुखिया दीनानाथ मांझी ने की. पंचायत के अलग-अलग गांवों और टोलों से पहुंचे लोगों ने अपनी बात रखी. ग्रामीणों ने कहा कि नशे की वजह से युवा अपना भविष्य खराब कर रहे हैं. खासकर गांजा और हेरोइन की लत को लेकर लोगों ने चिंता जताई. चर्चा के बाद पंचायत के सभी गांवों में नशीले पदार्थों के सेवन और कारोबार पर रोक लगाने का फैसला लिया गया.
निगरानी के लिए बनेगी टीम
ग्रामीणों ने नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई करने की बात कही. जिला परिषद सदस्य फैजल अहमद ने ग्रामीणों के फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के लिए केवल नियम बनाना काफी नहीं है. उन्होंने बताया कि गांवों में निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी. यह टीम नशे के सेवन और बिक्री की जानकारी जुटाकर स्थानीय प्रशासन और सामाजिक कमेटी को देगी.
नशामुक्त समाज का लिया संकल्प
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने मिलकर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया. ग्रामीणों का कहना है कि बंदुआ की यह पहल दूसरे गांवों के लिए भी मिसाल बन सकती है. मौके पर मुस्तकीम अंसारी, शशि भूषण पांडेय, ऋतिक पांडेय, जहीर आलम, उदय यादव, रामनाथ पांडेय, दीपक मिश्रा, चंद्रशेखर पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. चैनपुर थाना पुलिस के कर्मी भी मौके पर उपस्थित थे.