Current News: हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के समर्थन में बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के छात्रों और पूर्व छात्रों ने आगामी दीक्षांत समारोह को लेकर आपत्ति जताई है. छात्रों ने मुख्य अतिथि के रूप में CJI सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को आमंत्रित किए जाने पर सवाल उठाए हैं.
15 अगस्त को जारी साझा बयान में NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने BCI की ओर से NALSAR के छात्रों के एनरोलमेंट पर अस्थायी रोक लगाने के विवादित आदेश की कड़ी आलोचना की. हालांकि बाद में BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया था.
NALSAR मामले को लेकर BCI से मांगी बिना शर्त माफी
साझा बयान पर NLSIU के 2026 बैच के 165 ग्रेजुएट होने वाले छात्रों, 409 वर्तमान छात्रों और 128 पूर्व छात्रों के हस्ताक्षर बताए गए हैं. बयान में कहा गया है कि BCI ने NALSAR के खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी है, लेकिन किसी वैधानिक संस्था द्वारा सरकारी विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ ऐसी प्रक्रिया शुरू किया जाना गंभीर चिंता का विषय है. छात्रों का कहना है कि केवल आदेश वापस लेने से BCI के अध्यक्ष अपनी जवाबदेही से मुक्त नहीं हो सकते. उन्होंने BCI से NALSAR के छात्र और शिक्षक समुदाय से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
CJI को मुख्य अतिथि बनाने पर भी छात्रों ने उठाए सवाल
NLSIU के छात्रों ने कहा कि NALSAR के छात्रों के प्रति कथित उपेक्षा और तिरस्कार के बावजूद CJI को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाना उचित नहीं है. छात्रों के मुताबिक, ऐसा करना उनके साथी छात्रों के संघर्ष को नजरअंदाज करने जैसा होगा. उन्होंने कहा कि वे NALSAR के छात्रों के साथ बिना शर्त एकजुटता से खड़े हैं और सत्ता के सामने अपनी बात रखने के उनके प्रयास का समर्थन करते हैं.
BCI अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल होने पर भी जताई असहमति
साझा बयान में NLSIU के छात्रों ने BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के दीक्षांत समारोह में शामिल होने को लेकर भी आपत्ति दर्ज की. छात्रों का कहना है कि जब तक BCI की कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनके समारोह में शामिल होने पर सवाल उठना स्वाभाविक है. छात्रों ने NALSAR की उस मांग का भी समर्थन किया, जिसमें विश्वविद्यालय ने अपने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में CJI को आमंत्रित करने के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है. NLSIU के छात्रों ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वे अपने दीक्षांत समारोह में CJI की उपस्थिति से असहमति व्यक्त करते हैं.