Air India: एयर इंडिया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद एयरलाइन ने सभी पायलटों का डोप टेस्ट शुरू किया है. 13 अगस्त से एयर इंडिया ग्रुप के सभी पायलटों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है. अब तक करीब 300 से 400 पायलटों की जांच हो चुकी है. इनमें दो पायलटों की शुरुआती रिपोर्ट “नॉन-नेगेटिव” आई है.
फाइनल रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
शुरुआती रिपोर्ट को पॉजिटिव माना जा रहा है, लेकिन अभी इसे अंतिम नतीजा नहीं माना गया है. एयरलाइन दोनों पायलटों के कन्फर्मेटरी टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. जानकारी के मुताबिक, फाइनल रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे या इससे ज्यादा समय लग सकता है. रिपोर्ट के बाद ही दोनों पायलटों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी. एयरलाइन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती डोप टेस्ट में किसी पायलट को फेल घोषित नहीं किया गया है. “नॉन-नेगेटिव” रिपोर्ट आने के पीछे दवा का सेवन समेत कई कारण हो सकते हैं.
फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में हुई थी टर्बुलेंस की घटना
यह जांच 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई टर्बुलेंस की घटना के बाद शुरू की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, एयरबस A320neo विमान में उड़ान के दौरान करीब चार सेकंड तक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में गंभीर गड़बड़ी हुई थी. इस दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे चला गया था. विमान में कुल 145 लोग सवार थे. इनमें 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य शामिल थे. घटना में कम से कम 24 यात्रियों और क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी.
तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में आई थी गड़बड़ी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ असामान्यता दर्ज हुई थी. इससे विमान के जरूरी कंट्रोल सिस्टम प्रभावित हुए. एलेवेटर और एलेरॉन कुछ समय के लिए सामान्य हाइड्रोलिक कंट्रोल से बाहर हो गए थे. स्पॉइलर सिस्टम पर भी इसका असर पड़ा. एयरबस के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, करीब चार सेकंड तक एलेवेटर और एलेरॉन बिना पायलट के निर्देश के अपने आप हिले. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है. डोप टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट और फ्लाइट से जुड़ी तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.