Jamshedpur: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम में विकास योजनाओं के चयन को लेकर जनप्रतिनिधियों की भूमिका तय करने की मांग की है. उन्होंने इस संबंध में मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को पत्र भेजा है. सरयू राय ने आगामी 18 अगस्त को होने वाली नगर निगम की बोर्ड बैठक का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि बैठक में रखी जाने वाली विकास योजनाओं की सूची को सरकारी नियमों और तय हिस्सेदारी के आधार पर तैयार किया जाना चाहिए.
योजनाओं के चयन में स्थानीय जरूरतों का ध्यान जरूरी
विधायक ने कहा कि नगर निकायों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि के इस्तेमाल की स्पष्ट व्यवस्था सरकार ने तय की है. इस राशि से बनने वाली योजनाओं में वार्ड और पूरे नगर निकाय, दोनों स्तर की जरूरतों को शामिल किया जाना चाहिए.
उन्होंने नाली निर्माण के लिए मिलने वाली राशि में 60 प्रतिशत हिस्सा वार्ड स्तर की योजनाओं और 40 प्रतिशत निकाय स्तर की योजनाओं पर खर्च करने की बात कही. वहीं सड़क निर्माण की राशि में 40 प्रतिशत वार्ड स्तर और 60 प्रतिशत निकाय स्तर की योजनाओं के लिए निर्धारित है.
नागरिक सुविधाओं के लिए भी तय है हिस्सेदारी
सरयू राय के अनुसार नागरिक सुविधा मद की राशि में 20 प्रतिशत हिस्सा वार्ड स्तर की योजनाओं और 80 प्रतिशत हिस्सा निकाय स्तर की योजनाओं पर खर्च किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि विकास राशि के इस्तेमाल में इन प्रावधानों का पालन जरूरी है, ताकि अलग-अलग इलाकों की जरूरत के अनुसार योजनाएं तैयार हो सकें.
जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा का भी प्रावधान
सरयू राय ने बताया कि नगर निकायों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा बोर्ड द्वारा चुनी गई निकाय स्तर की योजनाओं पर खर्च किया जाना है. बाकी 30 प्रतिशत राशि जनप्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों की अनुशंसा से तय योजनाओं के लिए रखी गई है. इसमें महापौर की अनुशंसा के लिए 10 प्रतिशत, उपमहापौर के लिए 5 प्रतिशत और नगर आयुक्त के लिए 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है. सांसद या विधायक की अनुशंसा के लिए भी 10 प्रतिशत राशि निर्धारित होने की बात सरयू राय ने कही.
वार्ड से लेकर बड़े इलाकों तक पहुंचेंगी योजनाएं
सरयू राय ने कहा कि विकास योजनाओं में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी का उद्देश्य स्थानीय लोगों की जरूरतों को शामिल करना है. उनके मुताबिक इससे केवल एक वार्ड तक सीमित काम ही नहीं, बल्कि कई वार्डों को जोड़ने वाली जरूरी योजनाओं को भी प्राथमिकता मिल सकेगी.
उन्होंने मानगो नगर निगम से बोर्ड बैठक में रखी जाने वाली योजनाओं की सूची को निर्धारित नियमों के अनुसार दोबारा तैयार करने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि इससे विकास कार्यों में स्थानीय जरूरतों और जनता की मांगों को बेहतर तरीके से जगह मिल सकेगी.