Mango Board Meeting: मानगो नगर निगम की बोर्ड बैठक में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ. बैठक के बाद उप महापौर राहुल कश्यप ने मेयर सुधा गुप्ता पर पार्षदों के सवालों और एजेंडे से बचकर बैठक से चले जाने का आरोप लगाया. राहुल कश्यप ने कहा कि अगर मेयर एजेंडा तय करती हैं, तो वह अकेले एजेंडा तय करने वाली नहीं हैं. चुने गए सभी पार्षदों के भी अपने-अपने एजेंडे हैं. इनमें वार्ड और जनता से जुड़े कई जरूरी मुद्दे शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि सवालों से एक-दो या तीन बैठकों तक बचा जा सकता है, लेकिन मेयर को पांच साल के लिए जनता ने चुना है. ऐसे में बैठकों से भागने के बजाय पार्षदों के सवालों का जवाब देना चाहिए.
पार्षदों की बारी आते ही बैठक छोड़ने का आरोप
राहुल कश्यप के अनुसार, बोर्ड बैठक में पहले वार्ड ऑफिस से जुड़े एजेंडे पर काम हुआ. इसके बाद जब पार्षदों के मुद्दे रखने की बारी आई, तो मेयर वहां से चली गईं. उप महापौर ने इसे सोची-समझी कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि बैठक से इस तरह जाना पार्षदों के सवालों से बचने जैसा है.
"पार्षद मेयर के हाथ और कान हैं"
राहुल कश्यप ने कहा कि उन्होंने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि नगर निगम के पार्षद मेयर के लिए जनता तक पहुंचने का सबसे आसान माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याएं सीधे मेयर तक पहुंचाते हैं. ऐसे में अगर पार्षदों के सवालों और समस्याओं से दूरी बनाई जाती है, तो इसका मतलब जनता की समस्याओं से दूरी बनाना है.
राहुल कश्यप ने मेयर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नाली की सफाई और सड़क के सामने खड़े होकर काम का निरीक्षण करना ही मेयर की जिम्मेदारी नहीं है. उनके अनुसार, मेयर को केंद्र से फंड लाने, राज्य सरकार से राशि दिलाने और नई योजनाएं लाने पर ध्यान देना चाहिए. ऐसी योजनाएं बननी चाहिए जिनसे मानगो में व्यापक विकास हो. उन्होंने कहा कि नाली साफ कराने का काम सुपरवाइजर और पार्षद के स्तर पर भी देखा जा सकता है. मेयर को इससे आगे की योजनाओं और विकास पर ध्यान देना चाहिए.
राहुल कश्यप ने कहा कि जनता ने मेयर को सुपरवाइजर के पद के लिए नहीं, बल्कि मेयर के पद के लिए चुना है. इसलिए उन्हें विकास योजनाओं के चयन और मानव विकास पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.
"हमारे सवालों से नहीं, जनता के मुद्दों से भाग रही हैं"
उप महापौर ने कहा कि बोर्ड बैठक में पार्षदों के कई जरूरी एजेंडे थे. ये सभी मुद्दे जनता और वार्ड की समस्याओं से जुड़े थे. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर मेयर इन एजेंडों पर चर्चा से बचती हैं, तो वह सिर्फ पार्षदों से नहीं, बल्कि उन मुद्दों को उठाने वाली जनता से भी दूरी बना रही हैं.
एक तिहाई पार्षदों के समर्थन से फिर बुल सकती है बोर्ड बैठक
राहुल कश्यप ने कहा कि नगर निगम की प्रक्रिया के तहत अगर एक तिहाई पार्षद लिखित रूप से बोर्ड बैठक बुलाने की मांग करते हैं, तो 15 दिनों के भीतर बैठक बुलानी होगी. उन्होंने दावा किया कि 12 से अधिक पार्षद दोबारा बोर्ड बैठक बुलाने के लिए लिखित रूप से अपनी मांग देंगे. राहुल कश्यप ने कहा कि अगर मेयर इस बैठक से भी बचती हैं, तो पार्षद दोबारा 15 दिन बाद बैठक बुलाने की प्रक्रिया अपनाएंगे. उन्होंने कहा कि वे देखना चाहते हैं कि मेयर कब तक बैठकों से बच सकती हैं.
DC कार्यालय से मंत्री तक जाने की चेतावनी
राहुल कश्यप ने कहा कि अगर स्थिति इसी तरह बनी रही, तो पार्षद DC कार्यालय के सामने धरना देंगे. इसके बाद सचिव और प्रिंसिपल सेक्रेटरी से भी मुलाकात की जाएगी. उन्होंने कहा कि नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू से भी मिलकर पार्षद अपनी समस्याएं और मांगें रखेंगे. उप महापौर ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में भी कोई समाधान नहीं निकला, तो पार्षद सामूहिक इस्तीफे जैसे कदम पर भी विचार कर सकते हैं. राहुल कश्यप ने कहा कि पार्षद जनता के मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और बोर्ड बैठक में उनके एजेंडों पर चर्चा की मांग जारी रहेगी.