Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-08-21

Jharkhand Politics: MMDR संशोधन विधेयक-2026 पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रखा केंद्र का पक्ष, कहा:- बढ़ेगी राज्य की आमदनी

Jharkhand Politics: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने MMDR विधेयक-2026 को लेकर झारखंड के पक्ष में बात रखी है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक से राज्य की कमाई बढ़ सकती है और विकास के लिए ज्यादा पैसा मिल सकता है. संजय सेठ ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि खनिज से मिलने वाले राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा. उनके मुताबिक, इसका फायदा झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य को भी मिलेगा.

उन्होंने कहा कि राज्य की आय बढ़ने से गांवों में विकास के काम तेज हो सकते हैं. इससे रोजगार के नए मौके भी बन सकते हैं. रक्षा राज्य मंत्री ने अवैध खनन और खनिज चोरी पर सख्ती की बात कही. उन्होंने कहा कि अवैध खनन कम होने पर सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा. इस पैसे का इस्तेमाल विकास योजनाओं में किया जा सकेगा.

संजय सेठ के मुताबिक, 2014 से पहले झारखंड को खनिज से करीब 4,662 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था. वर्ष 2025-26 में यह रकम बढ़कर करीब 33,494 करोड़ रुपये हो गई. उन्होंने इसे करीब 618 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड में खनिज की भरपूर उपलब्धता है. लेकिन सरकारी प्रक्रियाओं में देरी के कारण कई खनन परियोजनाएं समय पर शुरू नहीं हो पाती हैं.
उन्होंने सिंहभूम के विजया-2 प्रोजेक्ट का उदाहरण दिया. संजय सेठ के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को नौ महीने तक लीज नहीं मिलने से राज्य को करीब 400 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ.

संजय सेठ ने कहा कि खनन गतिविधियां बढ़ने का फायदा केवल सरकार को नहीं मिलेगा. इससे परिवहन, उद्योग, व्यापार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा. उनके मुताबिक, खनन क्षेत्र के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.



उन्होंने कहा कि MMDR विधेयक का उद्देश्य खनन व्यवस्था को बेहतर बनाना, सरकारी राजस्व बढ़ाना और अवैध खनन पर रोक लगाना है. संजय सेठ ने यह भी कहा कि विधेयक से देश को खनिज के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने विपक्षी दलों से विधेयक का सीधे विरोध करने के बजाय उसके प्रावधानों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !