पाठ के बाद पुलिस करती है जागरूक
सीमावर्ती गांवों के गुरुद्वारों में पाठ खत्म होने के बाद पुलिस माइक से लोगों को संबोधित करती है. पुलिस लोगों से नशा बेचने वालों और संदिग्ध लोगों से दूरी रखने की अपील करती है. देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों से भी सतर्क रहने को कहा जा रहा है. पुलिस का मानना है कि धार्मिक मंच के जरिए लोगों तक जागरूकता का संदेश आसानी से पहुंच सकता है. इसी वजह से अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला के सीमावर्ती इलाकों में यह अभियान चलाया जा रहा है.
तीन साल में 149 नाबालिग पकड़े गए
पुलिस की इस पहल की एक बड़ी वजह युवाओं के अपराध में इस्तेमाल होने की चिंता है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन साल में 149 नाबालिग पकड़े गए हैं. इन पर हथियार और ड्रग्स की तस्करी, ग्रेनेड हमले और गैंगस्टरों की मदद के आरोप हैं. पूछताछ में कई किशोरों ने बताया कि उन्हें जल्दी ज्यादा पैसे कमाने का लालच दिया गया था. पुलिस के अनुसार, अपराधी नेटवर्क कम उम्र के बच्चों को आसानी से अपने साथ जोड़ने की कोशिश करते हैं.
पुलिस गुरुद्वारों के जरिए माता पिता को भी सावधान कर रही है. अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार और दोस्तों पर नजर रखने को कहा गया है. उनकी मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों पर भी ध्यान देने की अपील की गई है.
पुलिस के मुताबिक, बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो परिवार को सतर्क होना चाहिए. अगर बच्चा किसी से छिपकर बात करने लगे या बिना वजह महंगी चीजें मिलने लगें तो भी ध्यान देना जरूरी है. गैंगस्टर कल्चर की ओर बढ़ता झुकाव भी गंभीर संकेत माना जा रहा है. ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर पुलिस या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की अपील की जा रही है.
मंदिर और चर्च तक पहुंचेगा अभियान
इस अभियान में पंचायतों, गुरुद्वारा कमेटियों और सामाजिक संगठनों की मदद ली जा रही है. पुलिस अब इस मुहिम को दूसरे धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों तक ले जाने की तैयारी कर रही है. आने वाले दिनों में मंदिरों और चर्चों में भी युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने का संदेश दिया जा सकता है. पुलिस के इस अभियान में परिवार और समाज की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है. फिलहाल सीमावर्ती इलाकों में गुरुद्वारों के जरिए युवाओं और उनके परिवारों को लगातार जागरूक किया जा रहा है.