Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शनिवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों की समीक्षा की गई. बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त समेत परिवहन, स्वास्थ्य, पथ निर्माण और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हुए.
जुलाई में 20 सड़क हादसे, 17 लोगों की मौत
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि जुलाई महीने में जिले में 20 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इन हादसों में 17 लोगों की मौत हुई, जबकि 6 लोग घायल हुए. जिले में दुर्घटना की आशंका वाले 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं. इन स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. वहीं, वाहन जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 22 लाख 24 हजार 850 रुपये जुर्माना वसूला गया है.
ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने का निर्देश
उपायुक्त ने हादसा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने को कहा. उन्होंने इन स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग, जिग-जैग मार्किंग, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्देश दिया.
प्रमुख सड़कों की मरम्मत जल्द पूरी करने को कहा
उपायुक्त ने NH-18, NH-33 और NH-220 के अलावा चौका-चाईबासा तथा चांडिल-कांड्रा मार्ग की मरम्मत का काम जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया. उन्होंने बारिश खत्म होने के बाद चौका-चाईबासा मार्ग के चौड़ीकरण का काम शुरू करने को भी कहा.
भारी वाहनों और अवैध पार्किंग पर सख्ती
बैठक में प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए गए. प्रमुख सड़कों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाने को कहा गया. तेज रफ्तार से होने वाले हादसों को रोकने के लिए स्पीड लिमिट तय करने की दिशा में जिला स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया गया.
हादसे के बाद समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण है. दुर्घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस बिना देरी मौके पर पहुंचे, इसके लिए बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया.
ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर कार्रवाई
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने तथा गलत दिशा में ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने ग्रामीण इलाकों और स्कूलों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने पर भी जोर दिया.