Adityapur Fake Councilor Case: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 1 में पार्षद की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. निर्वाचित पार्षद वन माली दास ने गणेश सरदार नामक व्यक्ति पर खुद को पार्षद बताकर सरकारी काम कराने का आरोप लगाया है. पार्षद के मुताबिक, 21 अगस्त को बोंगड़ी इलाके में वन विभाग की जमीन पर हाई मास्क लाइट लगाने का काम शुरू किया गया था. इस काम की जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी. वन विभाग के गार्डों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया.
पूछताछ के दौरान काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें वार्ड पार्षद के निर्देश पर काम करने के लिए कहा गया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद वन माली दास मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से काम से जुड़े कागजात मांगे. कर्मचारियों ने अपने मोबाइल फोन में एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाई. उनका कहना था कि इसी व्यक्ति ने खुद को वार्ड नंबर 1 का पार्षद बताकर काम शुरू करने का निर्देश दिया था. वन माली दास ने कहा कि तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है.
पार्षद ने तस्वीर वाले व्यक्ति की पहचान गणेश सरदार, पिता लाल सरदार के रूप में की है. उनका आरोप है कि गणेश सरदार ने उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सरकारी काम करवाने की कोशिश की.
पूछताछ के बाद घर पहुंची भीड़
वन माली दास का कहना है कि उन्होंने गणेश सरदार से इस मामले में बात की थी. इसके बाद करीब 20 से 30 लोग उनके घर पहुंच गए. पार्षद का आरोप है कि लोगों ने घर के बाहर हंगामा किया और गाली-गलौज की. उन्होंने खुद और परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया है.
वन माली दास ने कहा कि वह जनता द्वारा चुने गए पार्षद हैं. ऐसे में उनकी पहचान का इस्तेमाल कर किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा सरकारी काम कराया जाना गंभीर मामला है.
मेयर संजय सरदार पर भी लगाया आरोप
पार्षद ने आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि गणेश सरदार पहले भी मेयर के साथ मिलकर उनके वार्ड में तालाब का काम करा चुका है. वन माली दास के अनुसार, उस काम की जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर संजय सरदार और गणेश सरदार मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों की ओर से उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश की जा रही है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
डीसी और एसपी से कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर वन माली दास शनिवार को सरायकेला-खरसावां उपायुक्त कार्यालय पहुंचे. उन्होंने उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को लिखित शिकायत सौंपी. पार्षद ने पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी से भी मामले में कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने फर्जी पार्षद बनकर सरकारी काम कराने के आरोप की जांच कराने की मांग की है. साथ ही अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.
फिलहाल इस मामले में गणेश सरदार और मेयर संजय सरदार का पक्ष सामने नहीं आया है.