Ranchi News: छात्रों और सरकार से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी अब झामुमो के निशाने पर हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोशल मीडिया के जरिए मरांडी के राजनीतिक सफर और उनके विधानसभा क्षेत्र में मौजूद बुनियादी समस्याओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने कहा कि सरकार की खामियां गिनाने के साथ अपने क्षेत्र की स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए।
JMM ने अपने पोस्ट में कहा कि बाबूलाल मरांडी को राजनीति में करीब 26 साल का अनुभव है। वह झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और भाजपा में भी लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। इसके बावजूद पार्टी का आरोप है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के गरीब और आदिवासी परिवार आज भी कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों की सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
झामुमो ने सोशल मीडिया पोस्ट में एक ग्रामीण की तस्वीर का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाया। पार्टी का कहना है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में परेशानी होती है और बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।
JMM ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए सरकार की कमियां बताना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर भी जनता के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
JMM ने पूछा:- इतने वर्षों में कितना बदला क्षेत्र?
झामुमो ने बाबूलाल मरांडी से सवाल किया कि करीब ढाई दशक के राजनीतिक अनुभव और मुख्यमंत्री समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद उनके क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हो सका। पार्टी ने कहा कि जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। सरकार पर सवाल उठाने के साथ-साथ नेताओं को अपने क्षेत्र के विकास और वहां के लोगों की समस्याओं को लेकर भी जवाबदेह होना चाहिए।