Jharkhand Pharmacy Council: झारखंड में फार्मेसी कॉलेजों की बढ़ती संख्या और उनकी मान्यता को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. बाबूलाल मरांडी का आरोप है कि झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में NOC, मान्यता, सीट आवंटन और परीक्षा संचालन को लेकर बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है.
10 साल में 3 से बढ़कर करीब 150 हुए फार्मेसी कॉलेज
बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि पिछले करीब 10 वर्षों में झारखंड में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. राज्य में पहले सिर्फ 3 फार्मेसी कॉलेज थे. अब इनकी संख्या करीब 150 तक पहुंच गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई संस्थानों को जरूरी सुविधाएं और तय मानक पूरे नहीं होने के बावजूद NOC और मान्यता दी गई. आरोप है कि इसके बदले प्रति कॉलेज करीब 30 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की गई.
"करीब 800 करोड़ के सिंडिकेट की जांच हो"
बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कथित तौर पर करीब 800 करोड़ रुपये के सिंडिकेट की बात कही है. उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों की मान्यता बाद में रद्द भी हुई. इससे पूरे मामले को लेकर सवाल और गंभीर हो जाते हैं. उन्होंने पूछा कि अगर इतने बड़े स्तर पर वर्षों तक गड़बड़ी होती रही, तो सरकार और संबंधित विभाग इससे अनजान कैसे रहे. मंत्री, अधिकारी और काउंसिल के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं.
हजारों छात्रों के भविष्य पर असर
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मामला सिर्फ आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है. इसका सीधा असर फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि अगर बिना जरूरी मानकों के कॉलेजों को मान्यता दी गई, तो वहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों की डिग्री और करियर पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं. इसका असर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है. CBI या हाई कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में जांच की मांग बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि जांच CBI से कराई जाए या हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो. उन्होंने पिछले 10 वर्षों में जारी सभी NOC, मान्यता, सीट आवंटन और डिग्रियों का व्यापक ऑडिट कराने की मांग की है. साथ ही मंत्री, अधिकारियों, काउंसिल के पदाधिकारियों और कथित बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है. बाबूलाल ने कहा कि जांच में जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही निर्दोष छात्रों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए.