Jharkhand: झारखंड के कथित शराब घोटाले की जांच CBI से कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने सरकार से यह भी बताने को कहा है कि जनहित याचिका सुनवाई के योग्य है या नहीं. इसके साथ ही मामले से जुड़े तथ्यों पर भी सरकार का पक्ष मांगा गया है.
बाबूलाल मरांडी ने दाखिल की है याचिका
यह याचिका विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से दाखिल की गई है. याचिका में कथित शराब घोटाले की जांच CBI से कराने का आदेश देने की मांग की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित घोटाले में IAS अधिकारियों समेत कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं.
2025 में ACB ने दर्ज किया था केस
मामले को लेकर वर्ष 2025 में ACB ने प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच के दौरान कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी. याचिका में कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपियों को बाद में डिफॉल्ट बेल मिल गई. आरोप है कि करीब 14 महीने बीतने के बावजूद चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है. इसी आधार पर याचिका में जांच की गति पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की गई है.
1 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
मंगलवार की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अब मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी. कोर्ट के अगले आदेश के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे की जांच को लेकर क्या दिशा तय होती है.