Ranchi News: झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि खनिज से जुड़े कानूनों में किए जा रहे बदलावों का सीधा असर झारखंड की आर्थिक स्थिति और स्थानीय लोगों के अधिकारों पर पड़ सकता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी अब चरणबद्ध तरीके से सड़क पर उतरेगी।
प्रेस वार्ता में सहाय ने कहा कि झारखंड को खनिज संसाधनों से सेस और रॉयल्टी के जरिए करीब 14 हजार करोड़ रुपये की आय होती है। राज्य सरकार इस राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में करती है। कांग्रेस का आरोप है कि एमएमआरडी कानून में बदलाव से राज्य के हित प्रभावित हो सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
सुबोधकांत सहाय ने कहा कि वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने खनिज अधिकारों से जुड़े मामले में राज्यों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने कानून में संशोधन के जरिए इस फैसले के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए यह मामला केवल खनिज से मिलने वाले राजस्व तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।
1.38 लाख करोड़ के पुराने बकाये का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने झारखंड के करीब 1.38 लाख करोड़ रुपये के पुराने बकाये का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बकाया राशि को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य को उसका हक मिलने से विकास कार्यों को गति मिल सकती है।
पेसा और पांचवीं अनुसूची के अधिकारों पर जोर
सहाय ने पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड में जल, जंगल, जमीन और खनिज से जुड़े फैसलों में आदिवासी और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा जरूरी है।
27 अगस्त से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन
कांग्रेस ने आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। इसके तहत 27 अगस्त को जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 6 से 9 सितंबर तक प्रखंड स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं 7 सितंबर को राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी है।
सुबोधकांत सहाय ने कहा कि खनिज और राज्य के अधिकारों का यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे झारखंड के आर्थिक हित और लोगों के अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि कांग्रेस केंद्र सरकार के फैसलों का लगातार विरोध करेगी।