Jharkhand News: झारखंड के पुराने और ऐतिहासिक दस्तावेजों को संभालने वाली राज्य अभिलेखागार व्यवस्था में कर्मचारियों की भारी कमी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने सरकार को 1 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले पर अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी.
32 स्वीकृत पद, काम कर रहा सिर्फ एक कर्मचारी
यह जनहित याचिका शशि सागर वर्मा ने दाखिल की है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने अदालत के सामने राज्य अभिलेखागार की स्थिति रखी. बताया गया कि अभिलेखागार में अलग-अलग कार्यों के लिए कुल 32 पद स्वीकृत हैं. इनमें से फिलहाल सिर्फ एक पद पर कर्मचारी कार्यरत है. बाकी 31 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. याचिकाकर्ता ने अदालत से इन रिक्तियों को जल्द भरने के लिए सरकार को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है.
ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण पर असर
याचिका में कर्मचारियों की कमी से पैदा हो रही समस्याओं का भी जिक्र किया गया है. राज्य अभिलेखागार में पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ रियासत काल के पट्टे और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे जाते हैं. कर्मचारियों की कमी के कारण इनके रख-रखाव का काम प्रभावित हो रहा है. दस्तावेजों को व्यवस्थित करने और उनकी सूची तैयार करने में भी परेशानी आ रही है. इसके अलावा पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ रहा है.
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब राज्य सरकार को 1 अक्टूबर तक अपना जवाब अदालत में देना होगा. इसके बाद 8 अक्टूबर को मामले की सुनवाई होगी. उस दिन सरकार के जवाब के आधार पर अदालत खाली पदों को भरने की मांग पर आगे की कार्रवाई तय कर सकती है.