Ranchi News: झारखंड में कोयला और खनिज चोरी के मुद्दे पर भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने चतरा, लातेहार, दुमका और गोड्डा के प्रमुख खनन क्षेत्रों में CISF की तैनाती की मांग की है। उनका आरोप है कि राज्य में बड़े पैमाने पर खनिज और कोयले की चोरी हो रही है और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता कर सरकार पर साधा निशाना
रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान आदित्य साहू ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की खनिज संपदा का सही उपयोग करने के बजाय उसकी कथित तौर पर लूट हो रही है।
साहू ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के लिए झारखंड एक “एटीएम” बन गया है। उन्होंने छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए सरकार पर युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
चतरा, लातेहार, दुमका और गोड्डा में CISF तैनाती की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर चतरा, लातेहार, दुमका और गोड्डा के खनन क्षेत्रों में CISF तैनात करने की मांग रखी है। उनका दावा है कि जिन इलाकों में CISF की तैनाती की गई है, वहां कोयला चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है।
उन्होंने कहा कि कोयला चोरी का असर खनन और कोल कंपनियों के कामकाज पर भी पड़ रहा है। बीसीसीएल की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कंपनी आर्थिक दबाव में है।
खनिज और कोयले पर सेस को लेकर भी उठाए सवाल
आदित्य साहू ने राज्य में खनिज और कोयले पर लगाए जा रहे सेस का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, खनिज पर 600 रुपये प्रति टन और कोयले पर 450 रुपये प्रति टन सेस लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिक सेस के कारण राज्य के कारोबारी दूसरे राज्यों से कच्चा माल खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं।
केंद्र के बकाये और परिसीमन पर भी सरकार से जवाब मांगा
साहू ने केंद्र से झारखंड को मिलने वाली कथित बकाया राशि को लेकर भी राज्य सरकार से विभागवार जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र से किस मद में कितनी राशि मिलनी बाकी है।
परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। साहू ने कहा कि परिसीमन अभी लागू नहीं हुआ है और इसके नाम पर आंदोलन करना राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य सरकार की नीतियों और खनिज संपदा की कथित लूट के खिलाफ सड़क से लेकर अन्य मंचों तक आवाज उठाएगी।