Ranchi News: CDPO भर्ती मामले की CID जांच को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और जांच एजेंसी पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच अभी तक सीमित दायरे में चल रही है, जबकि कथित भर्ती गड़बड़ी से जुड़े कई महत्वपूर्ण लोगों से पूछताछ की जानी बाकी है.
मरांडी ने सवाल उठाया कि क्या JPSC की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के CDPO पद की सामान्य वर्ग की सीटों में कथित तौर पर अनियमितता कर सकती थीं. उन्होंने उनके PA के माध्यम से कथित तौर पर लिए गए पैसों की भी जांच की मांग की. उन्होंने सवाल किया कि यह रकम कहां गई और लेनदेन में कौन-कौन लोग शामिल थे.
मुख्यमंत्री की भूमिका और जानकारी पर भी उठाया सवाल
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री की जानकारी को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यदि सरकार के शीर्ष स्तर पर इस मामले की जानकारी थी, तो अब तक इस पर कोई स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
उन्होंने कहा कि मामले में डॉ. अजीता भट्टाचार्य की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. इसके अलावा मुख्यमंत्री के करीबी बताए जाने वाले विनोद सिंह, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और कथित तौर पर जुड़े अन्य झामुमो नेताओं से पूछताछ नहीं किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए.
CID की निष्पक्ष जांच को लेकर भी जताई आपत्ति
मरांडी ने CID के ADG मनोज कौशिक की भूमिका पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि यदि वह संबंधित इंटरव्यू पैनल का हिस्सा रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में उन्हीं के नेतृत्व में होने वाली जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.
उन्होंने कहा कि भर्ती मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए जांच का दायरा कथित पैसों के लेनदेन और उससे जुड़े सभी लोगों तक पहुंचना जरूरी है. मरांडी ने कहा कि भाजपा मामले की CBI जांच की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी.