Jharkhand High Court: पाकुड़ और दुमका में पैनम कोल माइंस से जुड़े कथित अवैध खनन का मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अब तक की जांच की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने अब पूरे प्रकरण की जांच SIB से कराने का आदेश दिया है. इस जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच में सुनवाई हुई.
लीज मिलने के बाद सामने आया विवाद
सरकार ने पैनम माइंस को वर्ष 2015 में पाकुड़ और दुमका जिले में कोयला निकालने के लिए लीज दी थी. याचिका में कंपनी पर निर्धारित सीमा से ज्यादा खनन करने का आरोप लगाया गया है. आरोप के मुताबिक, लीज की सीमा से बाहर खनन किए जाने से सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ. मामले में खनन से प्रभावित हुए लोगों के पुनर्वास का सवाल भी अदालत के सामने रखा गया है.
CBI जांच की मांग लेकर कोर्ट पहुंचे अधिवक्ता
हाई कोर्ट के अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने इस मुद्दे को लेकर जनहित याचिका दायर की है. याचिका में कथित अवैध खनन की CBI से जांच कराने के साथ विस्थापितों के पुनर्वास की मांग की गई है. सुनवाई में कोर्ट ने अब तक की जांच की दिशा और तरीके पर असंतोष जताया. इसके बाद जांच की जिम्मेदारी SIB को देने का निर्देश दिया गया.
अदालत इस मामले पर नवंबर में दोबारा सुनवाई करेगी. अगली सुनवाई में जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा होगी.