Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट ने स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (SFSL) में भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।
यह मामला झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के विज्ञापन संख्या 10/2025 (बैकलॉग) के तहत स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री में Assistant Director और Senior Scientific Officer के पदों पर भर्ती से जुड़ा है। सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने के फैसले को मुनीन्द्र प्रकाश ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
याचिकाकर्ता ने भर्ती रद्द करने के फैसले पर उठाए सवाल
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने सरकार के भर्ती विज्ञापन और पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि महज अनियमितता का उल्लेख करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि सरकार के इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों पर असर पड़ा है।
JPSC की ओर से भी रखा गया पक्ष
सुनवाई के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने अदालत के समक्ष आयोग का पक्ष रखा। मामले में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा गया है, जिसके बाद कोर्ट आगे की सुनवाई में मामले के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगा।
फिलहाल हाई कोर्ट ने सरकार के उस फैसले पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है, जिसके तहत SFSL की भर्ती प्रक्रिया रद्द की गई थी। अब सरकार के जवाब के बाद 24 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।