Shubhendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सीबीआई की जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे करीब छह महीने तक साजिश रची गई.
सीबीआई ने डिजिटल सबूतों, CCTV फुटेज, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और कई मोबाइल फोन से मिले डेटा को खंगालकर आरोपितों के बीच संपर्क की कड़ियां जोड़ी हैं. जांच में iCloud पर मौजूद फोटो और अन्य डिजिटल जानकारी को भी अहम सबूत माना गया है.
7 अगस्त को दाखिल हुई चार्जशीट
सीबीआई ने इस मामले में 7 अगस्त को बारासत की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरी साजिश के पीछे चंद्रनाथ रथ का सहायक सागर सोनकर कथित तौर पर मुख्य भूमिका में था. सीबीआई का दावा है कि सागर चंद्रनाथ रथ से नाराज था और खुद को उनके बराबर समझता था.
चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 6 मई को हुई थी. रात करीब 10 बजे मध्यग्राम में उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया. सीबीआई के अनुसार, चंद्रनाथ रथ को गाड़ी के अंदर गोली मारी गई थी. उस समय उनके साथ मौजूद बुद्धदेव बेरा भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे.
जांच में सीबीआई को पता चला कि सागर सोनकर ने कथित तौर पर नवंबर 2025 से ही हत्या की तैयारी शुरू कर दी थी. सीबीआई के मुताबिक, उसने दूसरे लोगों के नाम पर मोबाइल फोन और सिम कार्ड लेने की कोशिश की. इस काम में उसने कथित तौर पर अपने भाई साहेब को भी शामिल किया था. जांच एजेंसी का कहना है कि सागर का मकसद चंद्रनाथ रथ को रास्ते से हटाकर शुभेंदु अधिकारी के और करीब पहुंचना था. हालांकि, इस पूरी साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका और मकसद को लेकर अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा.
स्कूल के दोस्त के जरिए आगे बढ़ी साजिश
सीबीआई के अनुसार, सागर ने अपने स्कूल के पुराने दोस्त विकास मिश्रा से संपर्क किया. विकास की पहचान विनय राय से थी. जांच में सामने आया कि सागर और विकास मिश्रा 20 जनवरी 2026 से लगातार WhatsApp कॉल के जरिए संपर्क में थे. सीबीआई को शक है कि इसी दौरान हत्या के लिए कथित तौर पर लोगों की तलाश और दूसरी तैयारियों पर बातचीत हुई.
इसके बाद 30 जनवरी 2026 को विकास मिश्रा ने WhatsApp के जरिए विनय राय को कॉल किया. सीबीआई को विनय राय से जुड़े आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी मिली है. जांच एजेंसी ने दोनों के बीच हुई अन्य कॉल को भी जांच का हिस्सा बनाया है. इन कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा के जरिए सीबीआई ने कथित साजिश में शामिल लोगों के बीच संपर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की है.
12 लोग बनाए गए आरोपी
सीबीआई की चार्जशीट में कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें बिहार के कृष्ण कुमार सिंह को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है. गिरफ्तार आरोपियों में विकास मिश्रा, संजय राय, विनय राय, राज कुमार सिंह, गोलू सिंह, ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य समेत अन्य लोग शामिल हैं.
सीबीआई ने जांच के दौरान मोबाइल डेटा, CCTV, टोल रिकॉर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिले सबूतों को आपस में जोड़कर हत्या की कथित साजिश का पूरा नेटवर्क सामने रखने की कोशिश की है. अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत में होगी और चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सुनवाई की जाएगी.