Chitrakoot Flood Alert: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. भारी बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान पर आने से बाढ़ की स्थिति बन गई. रामघाट समेत नदी के आसपास के कई इलाकों में पानी पहुंच गया. कई जगहों पर लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण राहत और बचाव टीमों को भी कई इलाकों तक पहुंचने में परेशानी हुई.
700 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें तुरंत राहत कार्य में जुट गईं. अब तक 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है. कुछ लोगों को बचाव नावों के जरिए निकाला गया, जबकि जरूरत वाले स्थानों पर हवाई मदद भी ली गई. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए शेल्टर कैंप बनाए गए हैं.
जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार के मुताबिक चित्रकूट में नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. हालांकि प्रशासन की नजर लगातार हालात पर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि अगर रात में दोबारा तेज बारिश नहीं हुई तो स्थिति को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी. प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट है.
146 मीटर तक पहुंचा था पानी
जानकारी के अनुसार मंदाकिनी नदी का जलस्तर पहले करीब 139 मीटर था. इसके बाद बुधवार दोपहर करीब 2 बजे यह बढ़कर 146 मीटर तक पहुंच गया. जलस्तर बढ़ने के कारण कई घरों में पानी घुस गया. ऐसे में कई परिवारों ने घर की छतों पर जाकर अपनी जान बचाई और राहत टीमों का इंतजार किया.
सड़कें डूबीं तो हवाई मदद का सहारा
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई रास्तों पर पानी भरने से राहत टीमों के लिए पहुंचना मुश्किल हो गया था. इसके बाद राज्य सरकार की ओर से केंद्र से हवाई मदद मांगी गई. इसके बाद हवाई बचाव अभियान चलाया गया. हेलीकॉप्टर की मदद से भी लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया गया.
प्रशासन ने राहत के साथ सफाई पर भी बढ़ाया जोर
बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही प्रभावित इलाकों में सफाई का काम भी शुरू कर दिया गया है. चित्रकूट नगरपालिका की टीमें सफाई व्यवस्था में जुटी हैं. जिला प्रशासन और NDRF की टीमें अब भी मौके पर मौजूद हैं. लोगों की सुरक्षा के साथ जरूरी सेवाओं को जल्द सामान्य करने पर जोर दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने रीवा में अधिकारियों के साथ की बैठक
चित्रकूट में बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा में अधिकारियों के साथ आपात बैठक की. उन्होंने बाढ़ और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हालात की जानकारी मिलने के बाद वह बालाघाट से दिल्ली लौटे और फिर रीवा पहुंचे. अधिकारियों से उन्हें बताया गया कि भारी बारिश के कारण सिमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ा है. इससे सतना और चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति बनी.
मुख्यमंत्री के मुताबिक जिला प्रशासन और बचाव दलों ने तेजी से काम किया है. अब तक करीब 700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. इनमें दो लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया, जबकि बाकी लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया. प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं. प्रशासन की ओर से 6 हजार से अधिक भोजन के पैकेट भी बांटे जा चुके हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल बाढ़ में किसी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं है. राहत और बचाव अभियान रातभर जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि वह अगले दिन खुद चित्रकूट पहुंचकर मौके पर स्थिति का जायजा लेंगे. सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना है.