Jharkhand Infrastructure News: झारखंड में बिजली की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया गया है. झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड यानी JUSNL राज्य में करीब 7,652.47 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रहा है. इन योजनाओं का मकसद बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करना है. साथ ही वोल्टेज की समस्या कम करना और बिजली सप्लाई को ज्यादा भरोसेमंद बनाना है.
रांची के आसपास बनेंगे कई नए ग्रिड
सरवल में 220/132/33 केवी क्षमता का नया ग्रिड सब-स्टेशन बनाया जाएगा. इस परियोजना पर करीब 138.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे सिदरोल, सदाबहार, लाली, जामचुआं, राजाउलातू और सरवल के अलावा राई यूनिवर्सिटी, वाईबीएन यूनिवर्सिटी और अरविंद मिल क्षेत्र को फायदा मिलेगा. इटकी में 400/220/132/33 केवी का बड़ा ग्रिड सब-स्टेशन तैयार किया जाएगा. इसकी लागत करीब 253.19 करोड़ रुपये है. विकास क्षेत्र, इरबा के पास भी 400/132/33 केवी का ग्रिड बनेगा. इस पर करीब 260.51 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे इरबा, मेसरा, ओरमांझी और बूटी मोड़ जैसे इलाकों में बिजली व्यवस्था मजबूत होगी. मांडर और दस मील रिंग रोड, तुपुदाना के पास भी नए सब-स्टेशन बनाए जाएंगे. दोनों परियोजनाओं की लागत करीब 74.95 करोड़ रुपये बताई गई है.
संताल परगना और धनबाद में भी बड़े प्रोजेक्ट
दुमका में 400/220 केवी का नया ग्रिड सब-स्टेशन बनाने की योजना है. इस पर करीब 256.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दुमका से कोडरमा तक 400 केवी की ट्रांसमिशन लाइन भी बिछाई जाएगी. इस काम पर करीब 685.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बरहरवा में 220/132/33 केवी का ग्रिड सब-स्टेशन तैयार किया जाएगा. इसकी अनुमानित लागत 138.66 करोड़ रुपये है. धनबाद और बोकारो क्षेत्र में भी कई परियोजनाएं चल रही हैं. मैथन के संजय चौक में हाई-कैपेसिटी GIS सब-स्टेशन बनाया जाएगा. इस पर करीब 167.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बिनोद बिहारी चौक के पास भी करीब 110.14 करोड़ रुपये की लागत से GIS सब-स्टेशन तैयार किया जाएगा. बालीपुर, सिंदरी, टुंडी, चास के आईटीआई मोड़ और चंदनकियारी में भी नए ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइन का काम होगा.
जमशेदपुर और कोल्हान में बिजली नेटवर्क होगा मजबूत
डोबो कपाली में 220/132/33 केवी का नया ग्रिड बनाया जाएगा. इसकी लागत करीब 138.66 करोड़ रुपये है. बहरागोड़ा में भी इतने ही खर्च से नया ग्रिड सब-स्टेशन तैयार किया जाएगा. जमशेदपुर न्यू पीजी से बहरागोड़ा तक 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइन बिछाने की योजना है. इस पर करीब 147.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कंदरबेरा और निमडीह में भी नए 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन बनाए जा रहे हैं. चाईबासा के तांतनगर में 138.66 करोड़ रुपये की लागत से नया ग्रिड बनेगा. चक्रधरपुर के टोकलो रोड में भी करीब 74.95 करोड़ रुपये से सब-स्टेशन तैयार किया जाएगा.
दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगी बेहतर बिजली
गुमला के घाघरा और नेतरहाट में 132/33 केवी के नए ग्रिड बनाए जाएंगे. दोनों परियोजनाओं पर करीब 74.95-74.95 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इनसे माहुआटांड़ और नेतरहाट जैसे दूरस्थ इलाकों में बिजली का वोल्टेज बेहतर होने की उम्मीद है. सोनहातू में भी 74.95 करोड़ रुपये की लागत से नया ग्रिड बनेगा. इससे बुंडू, राहे और तमाड़ क्षेत्र को बेहतर ट्रांसमिशन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. बंदगांव के सोलेगुंडी और मंझगांव के पारसा में भी नए ग्रिड तैयार किए जाएंगे.
पुरानी बिजली लाइनों की क्षमता भी बढ़ेगी
राज्य में सिर्फ नए ग्रिड ही नहीं बनाए जा रहे हैं. पुरानी ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता बढ़ाने के लिए रीकंडक्टरिंग का काम भी किया जा रहा है. इसके तहत हाटिया-वन से हाटिया-टू, तमाड़-चांडिल, चांडिल-आदित्यपुर, देवघर-जसीडीह और केंद्रपोशी-नोवामुंडी जैसी लाइनों के पुराने कंडक्टर बदले जा रहे हैं. इनमें आधुनिक और ज्यादा क्षमता वाले कंडक्टर लगाए जाएंगे. इससे मौजूदा लाइनों पर ज्यादा बिजली का लोड संभालना आसान होगा.
उद्योग और आम उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
JUSNL की इन परियोजनाओं से राज्य के कई हिस्सों में ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है. नए ग्रिड और मजबूत लाइनों से औद्योगिक क्षेत्रों के साथ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों को भी फायदा मिलेगा. सरकार का लक्ष्य बिजली की बढ़ती जरूरत के साथ ट्रांसमिशन व्यवस्था को तैयार करना है, ताकि आने वाले समय में सप्लाई व्यवस्था पर दबाव कम हो और उपभोक्ताओं को ज्यादा स्थिर बिजली मिल सके.