Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-09-01

Jharkhand Politics: पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने राज्य की खनिज नीति पर उठाए सवाल, कहा:- अतिरिक्त सेस के कारण महंगा हुआ झारखंड का कोयला

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राज्य की खनिज नीति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कोयले और लौह अयस्क पर लगाए जा रहे सेस को लेकर सवाल उठाए हैं. चंपई सोरेन का कहना है कि अतिरिक्त सेस की वजह से झारखंड का कोयला दूसरे राज्यों के मुकाबले महंगा पड़ रहा है.

पड़ोसी राज्यों से महंगा बताया झारखंड का कोयला
चंपई सोरेन ने थर्मल कोयले की कीमत का उदाहरण दिया. उनके मुताबिक झारखंड में G11 ग्रेड के कोयले की कीमत करीब 2,458 रुपये प्रति टन है. वहीं पश्चिम बंगाल में यही कीमत करीब 1,741 रुपये और ओडिशा में 1,708 रुपये प्रति टन बताई गई है. चंपई सोरेन के अनुसार, दोनों राज्यों की तुलना में झारखंड के कोयले में करीब 700 से 750 रुपये प्रति टन का अंतर है. उनका कहना है कि इतनी बड़ी कीमत का फर्क होने पर खरीदार दूसरे राज्यों का रुख कर सकते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगे खनिज का असर सीधे वैध खनन कारोबार पर पड़ सकता है. अगर झारखंड के कोयले की मांग कम होती है, तो खनन गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं. चंपई सोरेन ने यह भी आशंका जताई कि इससे अवैध कारोबार करने वालों को फायदा मिल सकता है.

सरकार के राजस्व पर भी पड़ सकता है असर
चंपई सोरेन ने खनन से मिलने वाले सरकारी राजस्व का भी मुद्दा उठाया. उनके मुताबिक कोयले की बिक्री कम होने पर रॉयल्टी के साथ DMFT, NMET और GST से होने वाली आय पर भी असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि खनिज क्षेत्र में ऐसा फैसला होना चाहिए, जिससे कारोबार और सरकारी आय दोनों को नुकसान न हो.

सेस नीति पर दोबारा विचार की मांग
चंपई सोरेन ने राज्य सरकार से मौजूदा सेस व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की. उन्होंने बंद पड़ी या नई खदानों को जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया. उनका कहना है कि खनन से होने वाली आय का फायदा स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए खनन प्रभावित गांवों में विकास कार्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है. चंपई सोरेन ने सरकार से खनिज नीति को लेकर ऐसा रास्ता अपनाने की मांग की, जिससे झारखंड का खनन कारोबार प्रतिस्पर्धी बना रहे और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो.


WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !