Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड पर्यटन विकास निगम के कर्मचारी राकेश कुमार की सेवा नियमित करने से जुड़े मामले में उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने उनकी सेवा को 20 फरवरी 2001 से नियमित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही नियमितीकरण से जुड़े सभी परिणामी लाभ देने का भी आदेश दिया गया है।
1993 से निगम की अलग-अलग इकाइयों में दी सेवाएं
राकेश कुमार की नियुक्ति वर्ष 1993 में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के होटल कौटिल्य विहार में प्रशिक्षण के बाद हुई थी। इसके बाद उन्हें रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 1995 में उनका तबादला होटल बासुकी विहार, बासुकीनाथ कर दिया गया।
आगे चलकर उन्होंने पर्यटन निगम की विभिन्न इकाइयों में प्रभारी प्रबंधक के तौर पर भी काम किया। झारखंड गठन के बाद उन्होंने अपनी सेवा को नियमित करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सेवानिवृत्ति के करीब होने का कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता की लंबी सेवा अवधि और उनकी वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखा। कोर्ट ने कहा कि राकेश कुमार वर्ष 1993 से लगातार निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब वह सेवानिवृत्ति के करीब हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें नियमितीकरण के लाभ से वंचित करना उचित नहीं होगा।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने नियमितीकरण से संबंधित पूर्व न्यायिक आदेशों और मामले की परिस्थितियों का भी हवाला दिया।
सभी परिणामी लाभ देने का निर्देश
मामले के तथ्यों और पूर्व न्यायिक आदेशों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने राकेश कुमार की याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने संबंधित प्राधिकरण को उनकी सेवा 20 फरवरी 2001 से नियमित करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमितीकरण के साथ उन्हें इससे जुड़े सभी परिणामी लाभ दिए जाएं। इस आदेश से लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे राकेश कुमार को राहत मिली है।