Ranchi News: JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में जेल में बंद अभय तिवारी की जमानत याचिका पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान CID की ओर से अपनी दलीलें पेश की गईं। अब अभय तिवारी की ओर से 8 सितंबर को बहस की जाएगी।
TDPL के मार्केटिंग मैनेजर रह चुके हैं अभय तिवारी
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी पूर्व में TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों के अलावा अन्य अभ्यर्थियों से भी कथित रूप से पैसे लिए और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
परीक्षा अनियमितता मामले में 20 से अधिक गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर CID ने जांच शुरू की है। इसी जांच के दौरान कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। अब तक इस मामले में 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है।
जांच के दौरान CID के समक्ष दिए गए अभय तिवारी के कथित स्वीकारोक्ति बयान में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। बयान में TDPL को परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के रूप में चुने जाने की प्रक्रिया में ख्यांग्ते की भूमिका होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।
8 सितंबर को रखे जाएंगे बचाव पक्ष के तर्क
फिलहाल जमानत याचिका पर CID की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। अब अदालत में 8 सितंबर को अभय तिवारी की ओर से बचाव पक्ष अपनी दलीलें रखेगा। इसके बाद अदालत जमानत याचिका पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।