Tata Steel Bonus 2026: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस समझौते को लेकर बातचीत अब अंतिम दौर में पहुंच गई है. टाटा स्टील की चीफ पीपुल ऑफिसर (CPO) अतरई सान्याल के जमशेदपुर पहुंचने के बाद बुधवार को एक और दौर की वार्ता होगी. बोनस को लेकर ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. अगर बातचीत में कोई बड़ी अड़चन नहीं आई, तो गुरुवार को बोनस समझौते पर मुहर लग सकती है.
सीपीओ के बाद एमडी स्तर पर होगी बातचीत
अतरई सान्याल के जमशेदपुर लौटने के बाद पहले दौर की बातचीत उनके स्तर पर होगी. इसके बाद टाटा स्टील के एमडी के साथ भी चर्चा की जाएगी. इन बैठकों के बाद बोनस की अंतिम राशि पर सहमति बनने की उम्मीद है. सब कुछ तय रहा तो गुरुवार को हर हाल में बोनस समझौता करने की तैयारी है.
करीब 26,500 कर्मचारियों को मिलेगा बोनस
टाटा स्टील में बोनस पाने वाले कर्मचारियों की संख्या करीब 26,500 बतायी जा रही है. इनमें जमशेदपुर के लगभग 11 हजार कर्मचारी शामिल हैं. हालांकि, मेरामंडली के कर्मचारी इस संख्या में शामिल नहीं हैं. वहां पीएमएस यानी परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम लागू है. इसलिए वहां के कर्मचारियों को शुरुआत से ही प्रदर्शन के आधार पर बोनस मिलता है. टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता हो चुका है. हालांकि, इसका वास्तविक लाभ कर्मचारियों को अगले साल से मिलने की उम्मीद है.
पिछले साल से ज्यादा बोनस की उम्मीद
इस साल कंपनी के बेहतर मुनाफे को देखते हुए कर्मचारियों को पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बोनस मिलने की उम्मीद है. अब मुख्य मुद्दा यह है कि तय फॉर्मूले के तहत बनने वाली राशि के अलावा यूनियन कितना अतिरिक्त पैसा हासिल कर पाती है. कंपनी की ओर से हुई प्रस्तुति में भी बताया गया है कि इस साल कंपनी का मुनाफा बढ़ा है. इसी वजह से बोनस की कुल राशि में बढ़ोतरी की संभावना है.
350 करोड़ तक पहुंच सकता है बोनस
टाटा स्टील का इस साल शुद्ध मुनाफा करीब 11 हजार करोड़ रुपये रहा है. पिछले साल कंपनी का शुद्ध मुनाफा 9,255.05 करोड़ रुपये था. पिछले साल कर्मचारियों के बोनस के लिए कुल 303.12 करोड़ रुपये बांटे गए थे. उस समय कर्मचारियों को अधिकतम 3,92,213 रुपये और न्यूनतम 39,004 रुपये बोनस मिला था. इस बार बोनस की कुल राशि करीब 350 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है. अधिकतम बोनस बढ़कर करीब 4.25 लाख रुपये तक जा सकता है. वहीं, औसत बोनस भी पिछले साल के करीब 1.33 लाख रुपये से बढ़कर 1.50 लाख रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.
पांच मानकों से तय होती है बोनस की राशि
बोनस की गणना तय फॉर्मूले के आधार पर होती है. इसमें कंपनी के शुद्ध लाभ के साथ कई दूसरे मानकों को भी शामिल किया जाता है. फॉर्मूले में कंपनी के मुनाफे के आधार पर 1.5 फीसदी हिस्सा, प्रोफिटेबिलिटी यानी बिक्री योग्य स्टील पर मुनाफा, उत्पादकता और सेफ्टी जैसे मानक शामिल हैं. इन सभी मानकों के आधार पर बोनस की राशि तय की जाती है. अगर मैनेजमेंट अतिरिक्त राशि देने पर सहमत होती है, तो तय फॉर्मूले से अलग भी कर्मचारियों को कुछ अतिरिक्त पैसा मिल सकता है. फिलहाल वार्ता इसी अतिरिक्त राशि को लेकर भी अहम मानी जा रही है. कंपनी के बेहतर मुनाफे के कारण इस बार कर्मचारियों को बोनस में बढ़ोतरी की उम्मीद है.