Ranchi News: सिपाही से दरोगा पद पर प्रोन्नति को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने प्रोन्नति प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने की राज्य सरकार की मांग को स्वीकार नहीं किया। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।
2018 की सीधी नियुक्ति को लेकर उठाया वरीयता का मुद्दा
याचिकाकर्ता उत्तम तिवारी की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पक्ष रखा। उत्तम तिवारी की वर्ष 2018 में विज्ञापन संख्या 5/2017 के तहत दरोगा पद पर सीधी नियुक्ति हुई थी।
वहीं पुलिस विभाग की ओर से 9 सितंबर 2024 को तैयार की गई वरीयता सूची में सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए सिपाही से दरोगा बने कर्मियों को ऊपर स्थान दिया गया था। उत्तम तिवारी ने इसी वरीयता क्रम को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
मई में कोर्ट ने प्रोन्नति पर लगाई थी रोक
याचिकाकर्ता का तर्क है कि उनकी नियुक्ति सीधे दरोगा पद पर हुई है, इसलिए वरीयता सूची में उन्हें विभागीय परीक्षा के जरिए पदोन्नत हुए कर्मियों से ऊपर रखा जाना चाहिए।
इस मामले में हाईकोर्ट ने 12 मई 2026 को 9 सितंबर 2024 की वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर रोक हटाने का अनुरोध किया था। हालांकि, बुधवार की सुनवाई में अदालत ने सरकार के इस आग्रह पर हस्तक्षेप नहीं किया। अब मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।