National News: हरियाणा में सरकारी राशि के कथित घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। पंचकुला स्थित CBI की विशेष अदालत में दाखिल आरोप पत्र में छह IAS अधिकारियों समेत 19 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप पत्र के बाद मामले में नामजद आरोपियों की कुल संख्या 37 हो गई है।
छह IAS अधिकारियों के नाम चार्जशीट में शामिल
CBI के अनुसार, दूसरी चार्जशीट में जिन IAS अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है, उनमें डॉक्टर साकेत कुमार, प्रदीप कुमार, विनित गर्ग, राम कुमार सिंह, मोहम्मद शाइन और पंकज अग्रवाल शामिल हैं। इनके अलावा IDFC First Bank के तीन अधिकारी, स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
आठ सरकारी विभागों की योजनाओं की राशि ट्रांसफर करने का आरोप
जांच एजेंसी के आरोप पत्र के मुताबिक, वित्त विभाग के निर्देशों के विपरीत IDFC First Bank में सरकारी खाते खोले गए। इसके बाद राज्य सरकार के आठ विभागों से संबंधित योजनाओं की राशि इन खातों में स्थानांतरित की गई। मामले में पंचायती राज, पंचकुला और कालका नगर निगम, स्कूल शिक्षा परियोजना, श्रम कल्याण बोर्ड, स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड से जुड़ी राशि की जांच की गई है।
बैंक खातों के जरिए राशि निकालने का आरोप
CBI का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के बीच कथित साजिश के तहत निजी बैंक में खाते खोले गए और सरकारी धन को वहां ट्रांसफर किया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजकर कथित तौर पर नकद निकासी की गई। इसी मामले में CBI ने पहले आरोप पत्र में 18 लोगों को आरोपी बनाया था।
54 ठिकानों पर छापेमारी, 20 करोड़ के जेवरात और नकदी जब्त
जांच के दौरान CBI ने कुल 54 ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी के मुताबिक, इस कार्रवाई में नकदी और जेवरात बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच के दौरान मामले में नामजद 37 आरोपियों में से 26 की गिरफ्तारी भी की गई थी, जिनमें IAS अधिकारी भी शामिल हैं।