JSSC CGL Exam Irregularity: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा में हुई धांधली और अनियमितता के मामले में सीआईडी (CID) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. केस के मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर गुरुवार को सीआईडी और बचाव पक्ष की ओर से बहस हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है.
अगस्त में हुई थी पत्नी और भाई की गिरफ्तारी
बता दें कि सीआईडी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कार्रवाई करते हुए अगस्त महीने में सुषमा देवी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था. वहीं, इस पूरे कांड के मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड अभय तिवारी को जांच एजेंसी ने जुलाई महीने में ही गिरफ्तार कर लिया था. तीनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं.
JSSC CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 1/2025 दर्ज किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, अभय तिवारी ने अपनी पत्नी और भाई के साथ मिलकर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने का ताना-बाना बुना था. फिलहाल सीआईडी इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और नेटवर्क का भी पता लगा रही है. अब सभी की नजरें 9 सितंबर को होने वाली कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं.