Ranchi News: रांची के रिनपास (RINPAS) की पूर्व निदेशक डॉ. ज्योति सिमलाई की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला की संदिग्ध मौत के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी रित्विका सिंह की अदालत ने डॉ. सिमलाई के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं. कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब इस सनसनीखेज मामले में 29 जुलाई से गवाहों की पेशी शुरू होगी, जिससे कई बड़े राज उजागर होने की संभावना है.
हादसे को छिपाने और लीपापोती की साजिश
मामला 2 मार्च 2022 का है, जब डॉ. ज्योति सिमलाई की तेज रफ्तार कार ने एक मानसिक रूप से विक्षप्त महिला को कुचल दिया था. इस दर्दनाक हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी. आरोप है कि मामले को दबाने के लिए संस्थान के अंदर यह झूठी कहानी गढ़ी गई कि महिला पेड़ से गिरकर घायल हुई है. इसके बाद उसे इलाज के लिए रिम्स (RIMS) भेजा गया, जहां 45 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया.
घटना का खुलासा तब हुआ जब रिनपास के तत्कालीन निदेशक डॉ. सुभाष सोरेन ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए शोकॉज नोटिस जारी किया. डॉ. सिमलाई ने अपने लिखित जवाब में एक्सीडेंट की बात स्वीकार की थी. हालांकि, इसके बाद भी मामला फाइलों में दबता दिख रहा था, लेकिन अब अदालत ने सख्त रवैया अपनाते हुए अभियोजन पक्ष को 29 जुलाई को हर हाल में गवाहों को पेश करने को कहा है.