Uber Layoffs 2026: Uber अपने संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है. कंपनी ने करीब 3,300 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है. यह कंपनी की कुल वैश्विक वर्कफोर्स का करीब 10 प्रतिशत है. यह फैसला Uber के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है. कंपनी का मकसद संगठन को छोटा और आसान बनाना है. साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करने और लागत कम करने पर जोर दिया जाएगा.
मैनेजमेंट के पदों में होगी बड़ी कटौती
रीस्ट्रक्चरिंग का सबसे ज्यादा असर मैनेजमेंट स्तर पर देखने को मिलेगा. Uber मैनेजर के करीब 20 प्रतिशत पद कम करेगी. हालांकि, कुछ मैनेजरों को नौकरी से हटाने के बजाय इंडिविजुअल कंट्रीब्यूटर की भूमिका में भेजा जा सकता है. यानी वे मैनेजमेंट की जिम्मेदारी के बजाय सीधे अपने काम पर फोकस करेंगे. कंपनी सात या उससे ज्यादा रिपोर्टिंग लेयर वाले पदों में भी करीब 20 प्रतिशत की कमी करेगी. वहीं, सिर्फ 1 या 2 सदस्यों वाली छोटी टीमों की संख्या आधी की जाएगी.
अब ज्यादातर कर्मचारियों को ऑफिस आना होगा
Uber ने अपनी रिमोट वर्क पॉलिसी में भी बड़ा बदलाव किया है. अब ज्यादातर रिमोट कर्मचारियों को ऑफिस से काम करना होगा. नई व्यवस्था के तहत केवल करीब 1 प्रतिशत कर्मचारियों को ही पूरी तरह रिमोट काम करने की अनुमति होगी. बाकी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में कम से कम तीन दिन ऑफिस आना जरूरी होगा.
CEO ने बताया क्यों लिया गया फैसला
Uber के CEO दारा खोसरोवशाही ने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर रीस्ट्रक्चरिंग की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कंपनी का तेजी से विस्तार हुआ है. इसके चलते संगठन का ढांचा काफी जटिल हो गया. रिपोर्टिंग की ज्यादा लेयर और टीमों के बीच तालमेल की कमी के कारण फैसले लेने में देरी हो रही थी. कंपनी अब इस व्यवस्था को सरल बनाना चाहती है.
AI और रोबोटैक्सी पर बढ़ेगा फोकस
Uber छंटनी से होने वाली वित्तीय बचत का इस्तेमाल भविष्य की तकनीक में करना चाहती है. कंपनी AI और ऑटोनॉमस व्हीकल तकनीक में अपना निवेश बढ़ा रही है. आने वाले वर्षों में रोबोटैक्सी पार्टनरशिप के लिए 10 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट रखा गया है. Uber पहले ही Avride, Lucid, Nuro और Rivian जैसी कंपनियों में निवेश कर चुकी है.
रीस्ट्रक्चरिंग के बाद 30 हजार कर्मचारी रहेंगे
रीस्ट्रक्चरिंग पूरी होने के बाद Uber की कुल वर्कफोर्स करीब 30 हजार कर्मचारियों की रह जाएगी. यह संख्या करीब 2021 के स्तर के बराबर है. कंपनी का लक्ष्य मैनेजमेंट की परतों को कम करना, लागत घटाना और कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाना है. इसके साथ ही Uber भविष्य की AI और ऑटोनॉमस व्हीकल तकनीक पर अपना फोकस बढ़ाएगी.