Seraikela News: सरायकेला-खरसावां के चांडिल अनुमंडल स्थित खुचीडीह गांव की कोहिनूर स्टील कंपनी से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई चर्चा में है. बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रमोटर प्रशांत बोथरा, विजय बोथरा और उनके सहयोगियों से जुड़े कोलकाता के 11 ठिकानों पर जांच एजेंसी ने छापेमारी की है. मामला करीब 290 करोड़ रुपये से जुड़ा बताया जा रहा है.
पावर प्लांट के नाम पर लिया कर्ज
जानकारी के मुताबिक, कंपनी के प्रमोटरों ने पावर प्लांट स्थापित करने के लिए करीब 290 करोड़ रुपये की राशि ली थी. आरोप है कि इसके बावजूद प्रस्तावित पावर प्लांट जमीन पर शुरू नहीं हो सका. इसके बाद कंपनी आर्थिक संकट में चली गई. प्लांट में काम करने वाले मजदूरों और स्थानीय लोगों के सामने भी रोजगार और आर्थिक परेशानी की स्थिति बनी हुई है.
कंपनी शुरू होने का मिलता रहा भरोसा
स्थानीय स्तर पर कंपनी की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. प्लांट के एक गार्ड के अनुसार, प्रमोटर हर महीने कंपनी परिसर में आते हैं और लोगों के साथ बैठक कर जल्द काम शुरू होने का भरोसा देते हैं. गार्ड का कहना है कि करीब एक साल से कंपनी दोबारा शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक जमीन पर स्थिति में बड़ा बदलाव नजर नहीं आया है.
इसी बीच कोहिनूर स्टील के प्रमोटरों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर ED की कार्रवाई से मामला फिर चर्चा में आ गया है. हालांकि, छापेमारी और कथित 290 करोड़ रुपये के मामले में जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित वित्तीय अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही और रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया.