Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा में प्रस्तावित बाईपास सड़क के निर्माण पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रोजेक्ट के रास्ते में आ रहे 13,681 पूरी तरह से विकसित पेड़ों की कटाई पर भी पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने सुरेश साव नाम के व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया.
13 हजार से ज्यादा पेड़ों की बलि पर कोर्ट सख्त
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को रिपोर्ट सौंपी, जिसके मुताबिक एनएच (NH) डिवीजन हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि सड़क के मौजूदा रूट (एलाइनमेंट) में वन क्षेत्र सहित कुल 13,681 पेड़ आ रहे हैं जिन्हें काटना पड़ेगा. इतनी भारी संख्या में पेड़ों की बलि दिए जाने की बात सुनकर कोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की. हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने व्यापक पैमाने पर पेड़ों को उखाड़ने से पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को जो नुकसान पहुंचेगा, उसकी भरपाई सिर्फ नए पौधे लगाकर कभी नहीं की जा सकती.
केंद्र सरकार के दो मंत्रालयों को बनाया गया पक्षकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार के दो बड़े मंत्रालयों, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को केस में नया पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने दोनों मंत्रालयों को 6 हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.
क्या बदला जाएगा सड़क का रूट?
अदालत ने निर्माण से जुड़ी एजेंसियों को सड़क के एलाइनमेंट (रूट) में बदलाव की संभावनाओं पर विचार करने की छूट भी दी है. याचिकाकर्ता का तर्क था कि अगर सड़क का रूट थोड़ा बदल दिया जाए तो सिर्फ उसकी ही जमीन पर लगे करीब 300 विशालकाय पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है. बता दें कि यह प्रस्तावित बाईपास एनएच-99 (न्यू NH-22) और एनएच-100 (न्यू NH-522) को आपस में जोड़ने के लिए बनाया जाना है. फिलहाल कोर्ट की रोक के बाद प्रोजेक्ट का काम ठप पड़ गया है.