E-Revenue Court Jharkhand: झारखंड में राजस्व से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए शुरू की गई ई-रेवेन्यू कोर्ट व्यवस्था से मामलों के निष्पादन में तेजी आई है. राज्य में अब तक दर्ज 2,81,596 मामलों में से 2,26,656 मामलों का निपटारा किया जा चुका है. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में ई-रेवेन्यू कोर्ट की कुल निष्पादन दर 80.49% रही. हालांकि, अभी भी 54,940 मामले अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं. यह कुल मामलों का 19.51% है.
सिमडेगा का प्रदर्शन सबसे बेहतर
जिलावार आंकड़ों में सिमडेगा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. जिले में 6,433 मामलों में से 6,300 मामलों का निपटारा किया गया. सिमडेगा की निष्पादन दर 97.93% रही, जबकि सिर्फ 133 मामले यानी 2.07% केस लंबित हैं. इसके उलट जामताड़ा का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा. यहां 7,419 मामलों में से सिर्फ 4,046 मामलों का निपटारा हो सका. जिले की निष्पादन दर 54.54% है और 3,373 मामले यानी 45.46% केस अभी पेंडिंग हैं.
रांची में सबसे ज्यादा मामले और सबसे बड़ा बैकलॉग
राजधानी रांची में ई-रेवेन्यू कोर्ट में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं. यहां कुल 87,524 केस सामने आए. इनमें से 66,854 मामलों का निपटारा किया गया. रांची की निष्पादन दर 76.38% रही. मामलों की बड़ी संख्या के कारण राजधानी में अभी भी 20,670 केस लंबित हैं. यह जिले के कुल मामलों का 23.62% है.
किस जिले में कितने मामले निपटे और कितने लंबित
- बोकारो: कुल 8,463 मामलों में से 7,390 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 87.32% रही. 1,073 मामले यानी 12.68% लंबित हैं.
- चतरा: कुल 8,516 मामलों में 7,404 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 86.94% रही. 1,112 मामले यानी 13.06% लंबित हैं.
- देवघर: 9,515 मामलों में 6,944 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 72.98% रही. 2,571 मामले यानी 27.02% लंबित हैं.
- धनबाद: कुल 12,251 मामलों में 9,855 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 80.44% रही. 2,396 मामले यानी 19.56% लंबित हैं.
- दुमका: 7,253 मामलों में 5,534 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 76.30% रही. 1,719 मामले यानी 23.70% लंबित हैं.
- पूर्वी सिंहभूम: कुल 8,285 मामलों में 6,578 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 79.40% रही. 1,707 मामले यानी 20.60% लंबित हैं.
- गढ़वा: 9,949 मामलों में 8,874 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 89.19% रही. केवल 1,075 मामले यानी 10.81% लंबित हैं.
- गिरिडीह: कुल 12,107 मामलों में 10,430 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 86.15% रही. 1,677 मामले यानी 13.85% लंबित हैं.
- गोड्डा: 6,127 मामलों में 4,739 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 77.35% रही. 1,388 मामले यानी 22.65% लंबित हैं.
- गुमला: कुल 5,466 मामलों में 4,623 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 84.58% रही. 843 मामले यानी 15.42% लंबित हैं.
- हजारीबाग: 24,805 मामलों में 18,862 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 76.04% रही. जिले में 5,943 मामले यानी 23.96% लंबित हैं.
- जामताड़ा: 7,419 मामलों में 4,046 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 54.54% रही. 3,373 मामले यानी 45.46% लंबित हैं.
- खूंटी: कुल 14,467 मामलों में 11,893 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 82.21% रही. 2,574 मामले यानी 17.79% लंबित हैं.
- कोडरमा: 5,751 मामलों में 5,439 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 94.57% रही. सिर्फ 312 मामले यानी 5.43% लंबित हैं.
- लातेहार: कुल 5,070 मामलों में 4,796 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 94.60% रही. 274 मामले यानी 5.40% लंबित हैं.
- लोहरदगा: 4,444 मामलों में 3,816 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 85.87% रही. 628 मामले यानी 14.13% लंबित हैं.
- पाकुड़: कुल 4,826 मामलों में 4,545 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 94.18% रही. 281 मामले यानी 5.82% लंबित हैं.
- पलामू: 7,364 मामलों में 6,726 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 91.34% रही. 638 मामले यानी 8.66% लंबित हैं.
- रामगढ़: कुल 7,923 मामलों में 6,259 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 79.00% रही. 1,664 मामले यानी 21.00% लंबित हैं.
- रांची: 87,524 मामलों में 66,854 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 76.38% रही. 20,670 मामले यानी 23.62% अभी लंबित हैं.
- साहिबगंज: कुल 2,922 मामलों में 2,157 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 73.82% रही. 765 मामले यानी 26.18% लंबित हैं.
- सरायकेला-खरसावां: 9,214 मामलों में 7,763 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 84.25% रही. 1,451 मामले यानी 15.75% लंबित हैं.
- सिमडेगा: कुल 6,433 मामलों में 6,300 का निपटारा हुआ. निष्पादन दर 97.93% रही. सिर्फ 133 मामले यानी 2.07% लंबित हैं.
- पश्चिमी सिंहभूम: 5,502 मामलों में 4,829 का निपटारा किया गया. निष्पादन दर 87.77% रही. 673 मामले यानी 12.23% लंबित हैं.
कई जिलों में 90% से ज्यादा मामलों का निपटारा
रिपोर्ट के आंकड़ों से साफ है कि कोडरमा, लातेहार, पाकुड़, पलामू और सिमडेगा जैसे जिलों में ई-रेवेन्यू कोर्ट के जरिए मामलों के निपटारे की दर 90% से ऊपर रही. वहीं, जामताड़ा में करीब 45% मामले अभी भी लंबित हैं. साहिबगंज, देवघर और रांची जैसे जिलों में भी लंबित मामलों का आंकड़ा अपेक्षाकृत ज्यादा है.
ई-रेवेन्यू कोर्ट का उद्देश्य राजस्व से जुड़े विवादों को डिजिटल प्रक्रिया के जरिए तेजी से निपटाना है. मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक राज्य स्तर पर चार में से करीब तीन से ज्यादा मामलों का निपटारा हो चुका है, लेकिन लंबित मामलों को कम करना अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है.