Ranchi Sadar Hospital: आंखों की गंभीर बीमारी रेटिना हेमरेज से परेशान मरीजों को अब इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा कम लेना पड़ सकता है. रांची सदर अस्पताल में जल्द इसकी इलाज की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा है. अस्पताल में OCT और फंडस फोटोग्राफी मशीन लगाने की तैयारी है.
एक हफ्ते में शुरू हो सकती है व्यवस्था
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मशीनों की स्थापना का काम करीब एक सप्ताह में पूरा करने की योजना है. इसके बाद विशेषज्ञों की मदद से मरीजों का इलाज शुरू किया जा सकेगा. अभी इस बीमारी के मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां इलाज काफी महंगा है.
निजी अस्पतालों में रेटिना हेमरेज के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन की पहली डोज के लिए करीब 18 से 20 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. सदर अस्पताल में यही खर्च करीब 6 हजार रुपये रहने का अनुमान है. पूरे इलाज की बात करें तो निजी अस्पताल में करीब एक लाख रुपये तक खर्च हो सकता है, जबकि सरकारी अस्पताल में यह करीब 20 हजार रुपये रहने की उम्मीद है.
आयुष्मान से जुड़ी तो मुफ्त हो सकता है इलाज
सदर अस्पताल की इस नई सुविधा को आयुष्मान योजना से जोड़ने की भी तैयारी है. अगर इसे योजना के तहत मंजूरी मिलती है, तो पात्र मरीजों को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा नहीं देना पड़ सकता है. डॉक्टरों ने लोगों को आंखों की नियमित जांच कराने की सलाह दी है. खासकर शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना आंखों की सेहत के लिए जरूरी बताया गया है.