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  • 2026-09-06

Jharkhand Ministers Death: झारखंड में मंत्री पद पर रहते हुए पांच नेताओं का असमय निधन, एक की हत्या तो चार की बीमारी से गई जान

Jharkhand Ministers Death: 15 नवंबर 2000 को झारखंड अलग राज्य बना था. इन 26 वर्षों के राजनीतिक सफर में राज्य ने कई बड़े नेताओं को असमय खोया. इनमें पांच ऐसे मंत्री रहे, जिनका निधन मंत्री पद पर रहते हुआ. इनमें रमेश सिंह मुंडा की नक्सली हमले में हत्या हुई, जबकि हाजी हुसैन अंसारी, जगरनाथ महतो, रामदास सोरेन और अब सुदिव्य कुमार सोनू का निधन बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बीच हुआ.

रमेश सिंह मुंडा: नक्सली हमले में हत्या
अर्जुन मुंडा सरकार में मंत्री रहे रमेश सिंह मुंडा की 9 जुलाई 2008 को नक्सलियों ने हत्या कर दी थी. बुंडू के बारूहातु स्थित हाईस्कूल में कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी में रमेश सिंह मुंडा के साथ उनके दो अंगरक्षक और एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई थी. बाद में यह मामला NIA की जांच के दायरे में आया. 2026 में भी इस हत्याकांड से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया जारी है.

हाजी हुसैन अंसारी: कोरोना के बाद कार्डियक अरेस्ट
मधुपुर से JMM विधायक हाजी हुसैन अंसारी 28 जनवरी 2020 को मंत्री बने थे. करीब आठ महीने बाद 3 अक्टूबर को रांची के निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया. कोरोना संक्रमण के बाद उनका इलाज चल रहा था. रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनकी हालत बिगड़ी और कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. वे झारखंड के पहले मुस्लिम मंत्री रहे. उनके निधन के बाद उनके बेटे हफीजुल हसन को भी बाद में मंत्री बनाया गया.

जगरनाथ महतो: लंबी बीमारी के बाद निधन
डुमरी के विधायक और शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का निधन 6 अप्रैल 2023 को हुआ. कोरोना संक्रमण के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी. चेन्नई में उनका लंग ट्रांसप्लांट हुआ और इलाज के बाद उन्होंने फिर राजनीतिक जिम्मेदारियां संभालीं. बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें दोबारा चेन्नई ले जाया गया, जहां मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर और पोस्ट-कोविड जटिलताओं के बीच उनका निधन हुआ.

रामदास सोरेन: ब्रेन हेमरेज के बाद नहीं बची जान
घाटशिला विधायक और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हुआ. 2 अगस्त को घर में गिरने के बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था. गंभीर हालत में दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज चला, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया.

सुदिव्य कुमार सोनू: शिक्षक दिवस के बाद आई निधन की खबर
अब इस सूची में गिरिडीह सदर विधायक और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का नाम जुड़ गया है. उनका 6 सितंबर 2026 को गिरिडीह में निधन हुआ. वे नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति और खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग संभाल रहे थे. उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उपलब्ध जानकारी में कार्डियक अरेस्ट/हार्ट अटैक की बात सामने आई है. मार्मिक संयोग यह रहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में उनकी सक्रिय मौजूदगी थी. इसके अगले ही दिन उनके निधन की खबर ने समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को झकझोर दिया.

झारखंड के राजनीतिक इतिहास में मंत्री पद पर रहते इन पांच नेताओं का निधन अलग-अलग परिस्थितियों में हुआ, लेकिन हर घटना ने राज्य की सियासत और उनके समर्थकों को गहरा आघात दिया.


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