Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-09-06

Jharkhand Voter List Revision: वोटर लिस्ट नोटिस को लेकर रांची में 16 से 18 सितंबर तक बंदोबस्त कार्यालय में होगी मतदाताओं की सुनवाई, ERO के समक्ष रखना होगा पक्ष

Jharkhand: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है. इस दौरान जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है या जिनके दस्तावेजों की जांच जरूरी है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है. नोटिस पाने वाले मतदाताओं की रांची में 16 से 18 सितंबर तक सुनवाई होगी. यह सुनवाई बंदोबस्त कार्यालय में होगी. मतदाता निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी यानी ERO के सामने अपना पक्ष रख सकेंगे और जरूरी कागजात जमा कर सकेंगे.

सुनवाई में BLO भी रहेंगे मौजूद
सुनवाई के समय संबंधित मतदान केंद्र के बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO भी मौजूद रहेंगे. वे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्ड के आधार पर मतदाता से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करेंगे. इसके बाद ERO मतदाता के पक्ष और जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे. जांच के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा.

कौन-कौन से दस्तावेज दे सकते हैं
नोटिस में कई तरह के दस्तावेजों को मान्य बताया गया है. इनमें केंद्र या राज्य सरकार और PSU के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी भुगतान आदेश शामिल हैं. इसके अलावा 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, LIC या सार्वजनिक क्षेत्र की ओर से जारी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या अन्य रिकॉर्ड भी दिए जा सकते हैं. जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी जमा किया जा सकता है. स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र और OBC, SC, ST या अन्य जाति प्रमाण पत्र भी दस्तावेज के तौर पर प्रस्तुत किए जा सकते हैं.

आधार और परिवार रजिस्टर भी विकल्प में
परिवार रजिस्टर और जहां लागू हो, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़े रिकॉर्ड भी दिए जा सकते हैं. सरकार की ओर से जारी जमीन या मकान आवंटन प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया जा सकता है. संबंधित निर्देशों के तहत आधार कार्ड भी दस्तावेज के रूप में दिया जा सकता है. इसके अलावा 1 जुलाई 2025 के संदर्भ में बिहार SIR की मतदाता सूची का संबंधित अंश भी मान्य होगा.

गलत दस्तावेज देने पर हो सकती है कार्रवाई
सुनवाई में दिए गए बयान और जमा किए गए कागजात को सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारी या विभाग के पास भेजा जा सकता है. यदि कोई दस्तावेज या बयान जाली, झूठा या गलत पाया जाता है, तो BNS और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है. नोटिस पाने वाले मतदाताओं को तय तारीख पर ERO के सामने उपस्थित होना होगा. उन्हें नोटिस में मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज साथ ले जाने होंगे. यदि माता-पिता से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं, तो उनके पास उपलब्ध संबंधित कागजात भी साथ ले जाने होंगे.


WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !