Egypt Drug Trafficking Case: मिस्र की चर्चित टीवी प्रेजेंटर सारा खलीफा अब एक बड़े ड्रग्स केस में मौत की सजा पाने वालों में शामिल हो गई हैं. काहिरा की आपराधिक अदालत ने उनके साथ 11 अन्य आरोपियों को भी मृत्युदंड दिया है. इस केस में जांच एजेंसियों ने एक कथित संगठित ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया था. कुल 28 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
कोर्ट ने सुनवाई के बाद 12 आरोपियों को मौत की सजा दी. नौ अन्य को उम्रकैद मिली, जबकि सात आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया.
रिहायशी इलाकों में चल रही थी कथित ड्रग्स फैक्ट्री
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरोह कथित तौर पर विदेशों से ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल मंगाता था. इसके बाद काहिरा के कुछ अपार्टमेंट्स में सिंथेटिक ड्रग्स तैयार किए जाने का आरोप है. कार्रवाई के दौरान 750 किलो से ज्यादा सिंथेटिक ड्रग्स और उससे जुड़ी सामग्री बरामद होने की बात सामने आई. सुरक्षा बलों को कुछ ठिकानों से हथियार और गोला-बारूद मिलने का दावा भी किया गया.
सारा खलीफा ने कोर्ट में अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी सिगरेट तक नहीं पी. उन्होंने दावा किया कि ड्रग्स से उनका पहला सामना तब हुआ, जब एंटी-नारकोटिक्स विभाग के कार्यालय में उनके साथ बरामद सामग्री की तस्वीरें ली गई थीं.
39 साल की सारा खलीफा मिस्र के टीवी जगत में जाना-पहचाना नाम हैं. वह अपराध और सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम "मिशन इम्पॉसिबल" की वजह से लोकप्रिय हुईं. मीडिया के अलावा उनका कारोबार से भी जुड़ाव रहा है. काहिरा में कॉस्मेटिक क्लिनिक और इवेंट प्लानिंग कंपनी चलाने की जानकारी है. सोशल मीडिया पर भी उनकी मजबूत मौजूदगी है. इंस्टाग्राम पर उनके करीब 26 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं.
2016 में उन्होंने मिस्र के मशहूर फुटबॉलर महमूद अब्देल मोनीम उर्फ महमूद काहराबा से शादी की थी. हालांकि बाद में दोनों अलग हो गए.
मौत की सजा पर मिस्र में अलग कानूनी प्रक्रिया
मिस्र में किसी आरोपी को मृत्युदंड दिए जाने से पहले धार्मिक प्रक्रिया भी पूरी की जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने अपना फैसला पहले तैयार कर लिया था. इसके बाद ग्रैंड मुफ्ती की राय ली गई और फिर अदालत ने फैसला सार्वजनिक किया.
मिस्र में मृत्युदंड को लेकर आंकड़े भी चर्चा में हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, वर्ष 2025 में वहां 492 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी. इसी दौरान 23 लोगों को फांसी दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी.