Jamshedpur Triple Murder Case: जमशेदपुर में सिदगोड़ा के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस अब मुख्य आरोपी रवींद्र प्रसाद सिंह से जुड़े सवालों के जवाब वैज्ञानिक जांच के जरिए तलाशने की तैयारी में है. FSL विभाग ने उसके पॉलीग्राफी टेस्ट की अनुमति दे दी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टेस्ट की प्रक्रिया इसी सप्ताह पूरी की जा सकती है. इसके लिए रवींद्र को जमशेदपुर से रांची ले जाने की तैयारी चल रही है.
बयानों में विरोधाभास की जांच
पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी के बयानों में कुछ विरोधाभास सामने आए हैं. उसके व्यवहार और मनोवैज्ञानिक स्थिति को लेकर भी जांच की गई है. पॉलीग्राफी टेस्ट से पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि घटना से जुड़े सवालों पर आरोपी की प्रतिक्रियाएं क्या संकेत देती हैं. टेस्ट से पहले जरूरी मेडिकल और अन्य जांच भी की जाएगी.
केस डायरी और फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार
पुलिस हत्याकांड की केस डायरी और चार्जशीट अदालत में जमा कर चुकी है. घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक नमूनों को भी FSL जांच के लिए भेजा गया था. पुलिस को फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी मिल चुकी है. तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को आगे की जांच से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है.
11 मई को हुआ था ट्रिपल मर्डर
मामला 11 मई 2026 का है. सिदगोड़ा रोड नंबर-2 स्थित एल5/13 क्वार्टर में सरिता सिंह, उनकी गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे अभिषेक सिंह की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार, तीनों पर हथौड़े और धारदार हथियार से हमला किया गया था. घटना के बाद रवींद्र प्रसाद सिंह पर आत्मदाह की कोशिश करने का भी आरोप है.
बताया गया है कि घटना के बाद रवींद्र ने खुद 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी थी. वह टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और फिलहाल घाघीडीह जेल के अस्पताल के स्पेशल वार्ड में निगरानी में हैं.
अब पॉलीग्राफी टेस्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के जरिए पुलिस मामले से जुड़े बाकी सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेगी.